चेन्नई में आई बाढ़ की वजह से गाजियाबाद में कुछ प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। बैंकों में नए डेबिट और क्रेडिट कार्ड नहीं आ पा रहे हैं।
एप्लीकेशन की पेंडेंसी बढ़ गई है। यदि परेशानी होने पर कस्टमर केयर सेंटर से बात भी की जाती है तो फोन कॉल भी खुद ही कट जा रही है।
इससे उपभोक्ताओं को अपनी समस्याएं बताने में कई-कई बार फोन कॉल करनी पड़ रही हैं। चेन्नई की बाढ़ से बैंकिंग सेक्टर भी अछूता नहीं है। इससे मल्टीनेशनल बैंकों में कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
मल्टीनेशनल बैंकों में खुलने वाले नए अकाउंट पर मिलने वाले डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड गुम होने पर नया कार्ड तत्काल एप्लीकेशन देने पर भी नहीं मिल पा रहा है।
एक मल्टीनेशनल बैंक के अधिकारी के मुताबिक डेबिट और क्रेडिट कार्ड की सप्लाई बीते दस दिनों से नहीं हो पा रही है। ग्राहकों से भी यही कहा जा रहा है कि मेन ऑफिस से कार्ड नहीं मिल पा रहे हैं।
हल्दी पर भी पडे़गा असर
बाढ़ का असर किराना व्यापार में हल्दी पर भी पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में हल्दी के रेट बढ़ने की संभावना को देखते हुए जमाखोरों ने स्टॉक कर लिया है।
वहीं किराना व्यापारी संजय गर्ग ने बताया कि बाढ़ से हल्दी की फसल प्रभावित हुई है। गाजियाबाद में माह में करीब पांच हजार बोरी हल्दी की खपत है। बाढ़ से आने वाले समय में 25 से 30 प्रतिशत तक हल्दी के रेट बढ़ सकते हैं।