-रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट एलायंस ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को ज्ञापन देकर प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रिटेल फार्मेसी में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने के प्रस्ताव का दिल्ली के केमिस्टों ने विरोध किया है। रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट एलायंस (आरडीसीए) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को ज्ञापन देकर ड्रग्स रूल्स, 1945 में नियम 65(2A) जोड़ने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की है। प्रस्ताव में सभी रिटेल फार्मेसी में सीसीटीवी लगाने और रिकॉर्डिंग कम से कम तीन महीने तक सुरक्षित रखने की बात कही गई है।
आरडीसीए के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि फार्मेसी में दवा खरीदते समय ग्राहक और फार्मासिस्ट के बीच खुराक, सेवन का तरीका, सावधानियों और दूसरी दवाओं के साथ संभावित असर को लेकर बातचीत होती है। इस दौरान प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, न्यूरोलॉजिकल और अन्य पुरानी बीमारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सामने आ सकती है। संगठन को आशंका है कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के जरिए ऐसी निजी स्वास्थ्य जानकारी की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।
परिवार के सदस्यों की जानकारी भी हो सकती है दर्ज
आरडीसीए के अनुसार, कई बार मरीज के बजाय परिवार का कोई सदस्य उसके लिए दवा लेने आता है। ऐसी स्थिति में बातचीत और खरीदारी से मरीज की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ परिवार के अन्य सदस्यों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी रिकॉर्ड हो सकती है। नांगिया ने कहा कि मरीजों को अपनी पहचान, दवा की खरीद और फार्मेसी में हुई बातचीत की गोपनीयता को लेकर भरोसा होना चाहिए। संस्था का कहना है कि किसी नए नियम से लोगों में दवा लेने या स्वास्थ्य संबंधी सलाह लेने में झिझक पैदा नहीं होनी चाहिए।