ऐसे पकड़ा गया आरोपी
जांच में पता चला कि जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई थी, वह किसी महिला के नाम पर था। पुलिस सागरपुर स्थित उसके घर पहुंची तो उसने बताया कि खाता उसका पति चंचल सिंह ऑपरेट करता है। पुलिस ने चंचल को दबोचा तो उसने बताया कि खाता उससे किसी संदीप दलाल नामक व्यक्ति ने 25 हजार रुपये देकर खरीदा था। पुलिस ने चंचल से पूछताछ के बाद रोहतक, हरियाणा में छापेमारी की। वहां से आरोपी संदीप को दबोच लिया। पूछताछ में उसने बताया कि गैंग का सरगना ध्रुव मोर दुबई में मौजूद है। इसके बाकी साथी भी वहां मौजूद है। ठगी वह ही करते हैं। संदीप व कुछ अन्य लोग ठगी की रकम को निकालने और बैंक खातों का इंतजाम करने में ध्रुव की मदद करते हैं।
बेटी के इलाज के लिए बेचा था खाता
चंचल ने बताया कि उसकी बेटी काफी बीमार थी। उसका एम्स झज्जर में इलाज चल रहा था। इस बीच उसके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया। उसे लाइक शेयर करने के नाम पर 1600 रुपये दिए गए। बाद में उसे निवेश करने के लिए कहा गया। चूंकि चंचल के पास रुपये नहीं थे, इसलिए उसने निवेश के लिए मना कर दिया। दो-तीन दिन बाद आरोपियों ने खुद ही चंचल से संपर्क किया। उसकी मजबूरी सुनने के बाद आरोपियों ने उससे खाता देकर 25 हजार रुपये देने को कहा। चंचल को रुपयों की जरूरत थी, इसलिए वह फौरन तैयार हो गया। संदीप दलाल बैंक खाते से जुड़ा सिम और बाकी सामान चंचल से ले गया।
48 शिकायतें लिंक हुई गिरफ्तारी से
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि गैंग का सरगना और बाकी लोग दुबई में मौजूद हैं। माना जा रहा है कि गैंग ने इसी तरह हजारों लोगों के साथ ठगी की। फिलहाल इनकी गिरफ्तारी से अभी 48 शिकायतें लिंक हो पाई हैं। पुलिस आरोपी संदीप दलाल से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।