ग्रेटर नोएडा में फ्लैट देने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले दो बिल्डर कंपनी के निदेशकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि खरीददार से पैसे लेने के बाद न तो फ्लैट मिला न ही पैसे वापस किए गए। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने दो बिल्डर ग्रुप के सात निदेशको समेत दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक राजवीर सिंह चौहान के अनुसार, वर्धमान ग्रुप ने वर्ष 2012 में नॉलेज पार्क ग्रेटर नोएडा में वर्धमान डिवाइन वैली नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया था। सेक्टर-25 निवासी पीयूष शर्मा ने प्रोजेक्ट के वैदिक सूइट में फ्लैट बुक कराया था। इसके लिए पीयूष की मुलाकात कंपनी के निदेशक राजू वर्मा, जयदीप अग्रवाल, विवेक गुप्ता व हरेंद्र वशिष्ठ से हुई थी। सितंबर 2012 में पीयूष ने 20 लाख रुपये दे दिए। अब सात साल के बाद भी वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। इसके बाद अब पैसे भी वापस नहीं किए जा रहे हैं।
पुलिस ने इस कंपनी के चार निदेशकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, मेरठ निवासी जयपाल सिंह ने कॉस्मिक स्ट्रक्चर इंडिया लिमिटेड से नॉलेज पार्क में फ्लैट बुक कराया था। इसके लिए वर्ष 2014 में 20 लाख 16 हजार रुपये दिए थे। पांच साल के बाद न तो उन्हें फ्लैट मिला न ही पैसा। पुलिस ने इस कंपनी के निदेशकों शशांक मुतरेजा, शेखर मुतरेजा, सर्वजीत सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।