एमसीडी की जांच में सामने आया है कि इमारत की मरम्मत का काम पूरा होने के बाद मालिक ने एक अतिरिक्त मंजिल बनाने की तैयारी की थी। इसके तहत निर्माण कार्य शुरू कराया गया। बताया जा रहा है कि ग्रैप लागू होने के कारण पिछले दिनों डाले गए लेंटर की शटरिंग और सेटिंग खोलने का काम शुरू किया गया था। मालिक की योजना थी कि अब चुपचाप अंदर किया जाए। इसी दौरान इमारत अचानक ढह गई। हादसे के समय निर्माण कार्य किस स्तर पर था और इमारत की संरचनात्मक मजबूती कितनी थी, इसकी भी जांच की जा रही है।
तीन मंजिल बनी थी, पांच मंजिल का जमा कराया संपत्ति कर
जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। एमसीडी के अनुसार, इमारत के मालिक ने पिछले दिनों पांच मंजिल का संपत्ति कर जमा कराया था, जबकि मौके पर उस समय केवल तीन मंजिल ही बनी हुई थीं। इससे जांच एजेंसियों को आशंका है कि मालिक की भविष्य में इमारत को और ऊंचा करने की योजना थी। संपत्ति कर में पांच मंजिल का विवरण दर्ज कराने और वास्तविक निर्माण की स्थिति के बीच अंतर भी जांच का विषय बन गया है।