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चैरिटेबल सोसायटी की आड़ में स्कूल कर रहे टैक्स चोरी

Sat, 01 Nov 2014 12:47 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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चैरिटेबल सोसायटी के नाम पर बसों को रजिस्टर्ड कराकर स्कूल टैक्स चोरी में लगे हैं। बसों को सीज करने के बाद आरटीओ ने यह दावा किया है। उनके मुताबिक, डीपीएस राजनगर की बसें सुनील चैरिटेबल सोसायटी के नाम रजिस्टर्ड हैं।
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इस मुद्दे पर आरटीओ टीम ने बीते बृहस्पतिवार को स्कूल की 15 बसों की सीज कर दिया। यूपी में चैरिटेबल सोसाइटी के नाम रजिस्टर्ड बसों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता सकता।

विभाग से टैक्स छूट पाने और अभिभावकों से ट्रांसपोर्ट शुल्क वसूले जाने के मुद्दे पर आरटीओ टीम ने कार्रवाई की। आने वाले दिनों में अन्य स्कूलों को भी कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है।
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टारगेट बनाकर की गई कार्रवाई
आरटीओ टीम ने डीपीएस राजनगर की स्कूल बसों के खिलाफ बसों में एसी का टैक्स न भरने और ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने का हवाला देकर भी कार्रवाई की, लेकिन दस्तावेज पूरे होने के बाद शुक्रवार शाम बसों को छोड़ दिया गया। दूसरे दिन भी आरटीओ ने छह बसों पर कार्रवाई करते हुए चार बसों को सीज किया।

स्कूल प्रबंधन ने उल्टा आरटीओ टीम की कार्रवाई पर ही सवाल उठाए। स्कूल की प्रिंसिपल शशि रंजन ने कहा कि अन्य स्कूलों की सभी बसें भी सोसायटी के नाम पर ही रजिस्टर्ड हैं। केवल उन्हें टारगेट बनाकर कार्रवाई की जा रही है।

स्कूल की गवर्निंग बॉडी है सुनील चैरीटेबल सोसायटी
डीपीएस राजनगर की एडमिन हेड योगेश अग्रवाल ने बताया कि सुनील चैरीटेबल सोसायटी स्कूल की गवर्निंग बॉडी है। अन्य स्कूलों की तरह स्कूल की सभी बसें सोसायटी के नाम रजिस्टर्ड हैं। बोर्ड में भी इसके दस्तावेज जमा हैं। इसके अलावा बसों में एसी का टैक्स बसें खरीदते वक्त जमा हुआ और सभी ड्राइवरों के पास लाइसेंस हैं। तीनों मुद्दों पर सभी दस्तावेज पूरे होने से शुक्रवार शाम बसों को छोड़ दिया गया।

कार्रवाई से मचा हड़कंप
मानकों को पूरा नहीं करने वाली स्कूल बसों के खिलाफ चले आरटीओ के अभियान से स्कूलों में हड़कंप मचा रहा। शुक्रवार को आरटीओ के प्रवर्तन दस्ते ने कार्रवाई की, लेकिन मानकों को ठेंगा दिखाकर दौड़ने वाली बसों की संख्या कम मिली।

आरटीओ की प्रवर्तन टीम ने चार बसों को सीज कर छह बसों पर कार्रवाई की। आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि जुर्माना भरने के बाद डीपीएस राजनगर की बसों को छोड़ दिया गया।
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