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Delhi NCR News: पीएफआई के 20 सदस्यों पर आतंकी साजिश मामले में आरोप तय, अब चलेगा मुकदमा

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एनआईए का दावा- आतंकी फंडिंग, भर्ती और सरकार के खिलाफ साजिश में थे शामिल

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए अदालत ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके 20 सदस्यों के खिलाफ आतंकी साजिश मामले में आरोप तय कर दिए हैं। विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने मामले में नियमित ट्रायल चलाने का आदेश दिया है। आरोपियों में पीएफआई के संस्थापक चेयरमैन ई. अबूबकर, पूर्व चेयरमैन ओएमए सलाम समेत संगठन के कई पदाधिकारी शामिल हैं। सभी आरोपियों ने आरोपों से इन्कार करते हुए मुकदमे का सामना करने की बात कही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुसार, पीएफआई और उसके सदस्यों ने आपराधिक साजिश रची, आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाया तथा लोगों की भर्ती और प्रशिक्षण की योजना बनाई। एजेंसी का आरोप है कि संगठन देश की सरकार के खिलाफ साजिश रचने और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने के साथ विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने की गतिविधियों में भी शामिल था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख तय की है। इस दिन से एनआईए अपने साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश करना शुरू करेगी।
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एनआईए ने यह मामला अप्रैल 2022 में दर्ज किया था। इसके बाद सितंबर 2022 में देशव्यापी कार्रवाई के दौरान पीएफआई के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया। इसी अवधि में केंद्र सरकार ने पीएफआई को गैरकानूनी संगठन घोषित किया था। जांच पूरी होने के बाद एनआईए ने अदालत में चार्जशीट और पूरक चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके आधार पर अब अदालत ने आरोप तय करते हुए ट्रायल शुरू करने का निर्णय लिया है।
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