ई-वाहन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उन्हें अब न तो चार्जिंग से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा और न ही बैटरी को चार्ज करने में घंटों समय बर्बाद करना होगा। उन्हें पहले से ही पूरी तरह चार्ज बैटरी उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए बैटरी स्वाइपिंग स्टेशन बनेंगे, जहां बैटरी बदली जाएगी।
वाहन चालक इस्तेमाल की गई बैटरी स्टेशन पर छोड़कर चार्ज की हुई दूसरी बैटरी ले सकेंगे। इस प्रक्रिया में महज तीन मिनट का समय लगेगा। रिलायंस बिजली कंपनी की योजना के अनुसार, पहले चरण में स्वाइपिंग स्टेशनों पर ई-रिक्शा व ई-स्कूटरों के लिए पूरी तरह चार्ज की हुई बैटरी मिलेगी। इसके बाद इलेक्ट्रिक कार के लिए यह सुविधा दी जाएगी।
बीएसईएस और ओला इलेक्ट्रिक ने एक समझौता किया है, जिसके तहत बैटरी स्वाइपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे प्रदूषण में भी कमी आएगी। अभी यह निर्णय लिया जाएगा कि स्वाइपिंग व चार्जिंग स्टेशन कहां बनाए जाएंगे।
व्यावसायिक वाहनों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। ओला इलेक्ट्रिक इन बैटरी स्वाइपिंग व चार्जिंग स्टेशनों को क्लाउड-आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से बनाएगी। इससे स्वाइपिंग स्टेशनों के लिए बेहतर लोकेशन का चयन करने में मदद मिलेगी।
बीएसईएस के सीईओ पीआर कुमार ने बताया कि राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को इससे बढ़ावा मिलेगा। बीआरपीएल सीईओ अमल सिन्हा ने बताया कि इससे ई-मोबिलिटी को प्रोत्साहन मिलेगा। बैटरी स्वाइपिंग स्टेशन तैयार करने से न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ई-रिक्शा द्वारा की जा रही बिजली की चोरी में भी कमी आएगी।