सीबीआई ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बृहस्पतिवार को आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पीड़िता से 11 जून 2017 को कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। यह मामला विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से जुड़े उस मामले से अलग है जिसमें नाबालिग पीड़िता से चार जून 2017 को कथित दुष्कर्म का आरोप है।
तीस हजारी अदालत के जिला व सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने सीबीआई के आरोप पत्र पर सुनवाई के लिए दस अक्तूबर की तारीख तय की है। सीबीआई ने अदालत से अतिरिक्त दस्तावेज व गवाहों की सूची पेश करने के लिए समय मांगा है।
सीबीआई ने नए आरोप पत्र में नरेश तिवारी, बृजेश यादव सिंह व शुभम सिंह को नामजद किया है। यह तीनों आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं। एजेंसी के मुताबिक इन आरोपियों ने पीड़िता को अगवा कर उससे सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया था। शुभम सिंह दुष्कर्म मामले में आरोपी महिला शशि सिंह का बेटा है।
पीड़िता के पिता की हत्या मामले में मां ने दर्ज करवाया बयान
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की कथित हत्या मामले में उसकी मां व बहन ने बृहस्पतिवार को अपना बयान दर्ज करवाया। तीस हजारी अदालत के जिला व सत्र न्याधीश धर्मेश शर्मा के समक्ष बंद कमरे में हुई सुनवाई में पीड़िता की मां व बहन ने अपना बयान दर्ज करवाया। इस मामले में शुक्रवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।
मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां अपने मृतक पति के कपड़े देखकर भावुक हो गई और फूट फूट कर रोने लगी। कोर्ट ने उसे संभलने के लिए कुछ समय दिया।
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने 11 जून 2017 को अपने आवास पर कथित रूप से दुष्कर्म किया था। नाबालिग पीड़िता को महिला आरोपी शशि सिंह नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ विधायक आवास पर ले गई थी।
पीड़िता के पिता से सरे राह तीन अप्रैल 2018 को मारपीट की गई जिसके चलते न्यायिक हिरासत में नौ अप्रैल 2018 को मौत हो गई थी। उसके पिता को आम्र्स एक्ट के झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवाया गया था। इस मामले में अदालत ने सेंगर समेत 11 आरोपियों पर हत्या व अन्य धारा में आरोप तय किए थे।