पश्चिम दिल्ली के नारायणा विहार इलाके में मंगलवार रात को एक बार फिर केमिकल के रिसाव की अफवाह के बाद हड़कंच मच गया। कुछ लोगों ने दावा किया कि सुबह से हल्की-हल्की आ रही दुर्गंध अचानक रात के समय तेज हो गई। सहमे लोगों ने मामले की सूचना पुलिस के अलावा दमकल विभाग को दी।
छानबीन के दौरान पुलिस को घटनास्थल से कुछ खास नहीं मिला, हल्की दुर्गंध जरूर महसूस हो रही थी। स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि रविवार रात हुए हादसे के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। जिस प्लॉट में केमिकल का रिसाव हुआ था, वहां सारे ड्रम ज्यों के त्यों रखे हुए हैं। प्रशासन ने इनको एरिया से नहीं हटवाया तो थाने का घेराव करने के अलावा आंदोलन भी किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिला प्रशासन की मदद से जल्द ही इन केमिकल के ड्रम को हटा लिया जाएगा। मंगलवार रात को केमिकल की बात सही नहीं है, मामले की छानबीन जारी है। स्थानीय निवासी आदित्य तंवर ने बताया कि मंगलवार सुबह से ही नारायणा विहार के सी-ब्लॉक में उसी केमिकल की हल्की-हल्की दुर्गंध आ रही थी। रात को यह बढ़ गई। खतरा बढ़ते देखकर मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
बता दें कि 15 अक्तूबर को नारायणा विहार के सी-ब्लॉक एरिया में अचानक तेज दुर्गंध आने लगी। इसकी वजह से लोगों को बेचैनी और घबराहट होने लगी। कुछ लोग तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल भी पहुंचे। पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, डीडीएमए के अलावा बाकी एजेंसियों को मौके पर बुला लिया गया। एफएसएल ने मौके से सैंपल उठाए। एक प्लॉट में 86 ड्रम और डिब्बों में केमिकल मिला। कुछ ड्रम खाली भी थे। इनमें से एक ड्रम से रिसाव हुआ था। पुलिस ने अवैध रूप से रिहायशी इलाके में केमिकल रखने के मामले में मालिक किशन अग्रवाल व कर्मचारी पंकज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।