साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, बुधवार को हवा उत्तर-पूर्व दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1500 मीटर रही। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स 2200 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 205.5 और पीएम2.5 118.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
सीपीसीबी के अनुसार, दिल्लीवासियों ने बुधवार को लगातार 16वें दिन खराब हवा में सांस ली। इस सीजन में 14 अक्तूबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई थी। इसके बाद से लगातार ही प्रदूषण का स्तर खराब या बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली में इस बार पहले तो नियमित अंतराल पर पश्चिमी विक्षोभ आते रहे। इसके चलते मई और जून में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई।
इसके बाद अच्छे मानसून के चलते जुलाई, अगस्त और सितंबर में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से ज्यादा रहा। अच्छी बारिश के चलते जहां तापमान में गिरावट हुई वहीं, हवा भी काफी हद तक पहले से ज्यादा साफ-सुथरी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को आनंद विहार, अशोक विहार, पटपड़गंज, रोहिणी, पंजाबी बाग, शादीपुर समेत अन्य इलाकों में 300 से अधिक सूचकांक दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है।