फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh Mayor Polls: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोले अरविंद केजरीवाल, लोकतंत्र बचाने के लिए शुक्रिया SC

Tue, 20 Feb 2024 05:42 PM IST
Vikas Kumar पीटीआई, नई दिल्ली

सार

Chandigarh Mayoral Polls: सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को विजयी घोषित किया। कोर्ट ने पहले का नतीजा खारिज किया। 
विज्ञापन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ मेयर चुनाव (Chandigarh Mayor Polls) को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए आठ वोटों पर अतिरिक्त निशान थे। कोर्ट ने निशान लगे बैलेट पेपर गिनवाए, जिसके बाद आम के उम्मीदवार कुलदीप कुमार (Kuldeep Kumar) को विजयी घोषित किया। वहीं कोर्ट की टिप्प्णी के बाद आम आदमी पार्टी में जश्न शुरू हो गया है। आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए एक्स पर लिखा, इस कठिन समय पर लोकतंत्र को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट आपका शुक्रिया।

विज्ञापन


अच्छी प्लानिंग, रणनीति और मेहनत से भाजपा को हराया जा सकता
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा द्वारा की गई बेइमानी की सच्चाई मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश के सामने आ गई। इस संबंध में ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में आखिरकार संविधान और लोकतंत्र की जीत हुई। यह ऐतिहासिक फैसला है। इस फैसले से चंडीगढ़ और पूरे देश की जनता की जीत हुई है। साथ ही, यह इंडिया गठबंधन की पहली और बहुत बड़ी जीत है। एक तरह से हम यह जीत उनसे छीन कर लाए हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के 20 में से 8 वोट चोरी कर लिया था, लेकिन हमने हार नहीं मानी। यह जीत संदेश देता है कि एकता, अच्छी प्लानिंग, रणनीति और मेहनत से भाजपा को हराया जा सकता है। उन्होंने कहा, ये लोग बड़े विश्वास से लोकसभा चुनाव में 370 सीट आने का दावा कर रहे है। इसका मतलब है कि इन्होंने कुछ तो गड़बड़ कर रखी है। इसलिए देश के 140 करोड़ लोगों को मिलकर अपने जनतंत्र को बचाना पड़ेगा।

यह ऐतिहासिक फैसला है, भारतीय इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है
सीएम अरविंद केजरीवाल ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया है। हम सबने देखा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में साफ-साथ था कि 20 वोट इंडिया गठबंधन और 16 वोट भाजपा के थे। इंडिया गठबंधन के 20 में से आठ वोट गलत तरीके से रद्द घोषित कर दिए गए और इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी कुलदीप कुमार को हारा हुआ और भाजपा प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया गया। मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने जल्दी-जल्दी सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने सारे बैलेट पेपर मंगाए और देखा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज चंडीगढ़ मेयर चुनाव का परिणाम घोषित कर दिया। मुझे लगता है कि भारतीय इतिहास में यह पहली बार हुआ है। हम सुप्रीम कोर्ट का बहुत शुक्रिया करते हैं। क्योंकि आज देश में पूरी तरह तानाशाही चल रही है। जगह-जगह जनतंत्र को कुचला जा रहा है। देश की सारी संस्थाओं को एक तरह से कुचले और रौंदे जा रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला जनतंत्र के लिए बहुत मायने रखता है। जनतंत्र को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बहुत अहम है। 
विज्ञापन


इंडिया गठबंधन की यह पहली जीत देश को बहुत बड़ा संदेश देती है
केजरीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव का फैसला हमारे पक्ष में आना इंडिया गठबंधन की बहुत बड़ी जीत है। इंडिया गठबंधन की पहली जीत है। यह हमारे लिए बहुत मायने रखती है। एक तरह से हम उन लोगों से जीत छीन कर लाए हैं। उन लोगों ने तो वोट चोरी कर लिए थे। लेकिन हमने हार नहीं मानी। हम आखिरी समय तक लड़ते रहे, संघर्ष करते रहे। अंत में हमारी जीत हुई। इसलिए यह इंडिया गठबंधन के लिए बहुत बड़ी जीत है। इंडिया गठबंधन की यह जीत देश को बहुत बड़ा संदेश देती है। जो लोग कहते हैं कि भाजपा को हराया नहीं जा सकता है, तो यह जीत बताता है कि भाजपा को एकता, अच्छी प्लानिंग, रणनीति और मेहनत से हराया जा सकता है। इस चुनाव के नतीजों ने यह साबित कर दिया है। इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को भी इस जीत के लिए बहुत -बहुत बधाई। 

उन्होंने कहा कि यह जीत चंडीगढ़ के लोगों की भी जीत है। चंडीगढ़ के लोगों ने नतीजा यही दिया था कि इंडिया गठबंधन का प्रत्याशी मेयर बनना चाहिए, लेकिन उन्होंने चुनाव को चोरी कर लिया था। एक तरह से जनता की हार हो गई थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद जनता की जीत हो गई है। पूरे देश की जीत हुई है। पूरे देश ने देखा कि किस तरह से इन्होंने वोटों की चोरी किया। 

मेयर चुनाव में ये सीसीटीवी कैमरे में वोटों की चोरी करते रंगेहाथ पकड़े गए
केजरीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अकाली दल के कुल 36 वोट थे। इसमें एक संसद सदस्य शामिल है। उन 36 वोट की गणना में भाजपा वालों ने इंडिया गठबंधन के 8 वोट चोरी कर लिए। यानि हमारे 25 फीसद वोट चोरी कर लिए। अभी कुछ दिन बाद देश का सबसे बड़ा लोकसभा चुनाव होने जा रहा है। उसमें करीब 90 करोड़ वोट हैं। अगर ये लोग 36 वोट में से 25 फीसद वोट चोरी कर सकते हैं तो 90 करोड़ वोटों में से कितने वोट चोरी करेंगे, यह सोच कर भी रूह कांप उठती है। हम सुनते तो थे कि भाजपा वाले गड़बड़ करते हैं, वोटों की चोरी करते हैं, लेकिन कभी सबूत नहीं मिला। इस बार इनकी किस्मत खराब थी। चंड़ीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे और कैमरे में ये लोग रंगेहाथ पकड़े गए, इनका सारा कुकर्म पकड़ा गया। इससे साफ जाहिर है कि ये कितने बड़े स्तर पर वोटों की चोरी करते हैं। 

अगर देश में जनतंत्र ही नहीं बचेगा तो कुछ नहीं बचेगा
केजरीवाल ने कहा कि आज यह सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि अब देश को सोचना पड़ेगा। अगर देश में जनतंत्र नहीं बचेगा तो कुछ नहीं बचेगा। आज ये लोग बहुत ही विश्वास के साथ कह रहे हैं कि भाजपा की 370 सीट आएगी। एक तरह से ये लोग देश के लोगों को चुनौती दे रहे हैं कि तुम्हारे वोट की हमें जरूरत नहीं है, हमारी तो 370 सीट आ रही है। इन लोगों को 370 सीट लाने का विश्वास कहां से आ रहा है? इसका मतलब साफ है कि इन्होंने कुछ तो गड़बड़ कर रखी है। अगर किसी देश के अंदर पार्टियां चुनाव से पहले साफ-साफ कहने लगें कि हमें वोट और लोगें की जरूरत नहीं है, तो उस देश में जनतंत्र बहुत खतरे है। इसलिए देश के 140 करोड़ लोगों को मिलकर देश के जनतंत्र को बचाना पड़ेगा। इससे यह भी साफ है कि ये लोग चुनाव जीतते नहीं हैं, ये लोग चुनाव चोरी करते हैं। चंडीगढ़ मेयर चुनाव ने इन लोगों को देश के सामने बेनकाब कर दिया है। दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है।

पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने नियम के विरुद्ध काम किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को 12 वोट मिले थे। आठ मतों को गलत तरीके से अमान्य करार दे दिया गया। बाद में ये आठ वोट याचिकाकर्ता के पक्ष में पाए गए। इस तरह आठ मतों को जोड़ देने पर याचिकाकर्ता के 20 वोट हो जाते हैं। लिहाजा, आप पार्षद और याचिकाकर्ता कुलदीप कुमार को चंडीगढ़ नगर निगम (Chandigarh Municipal Corporation) के महापौर पद (Mayor) पर निर्वाचित घोषित किया जाता है। पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह (Returning Officer Anil Masih) द्वारा भाजपा (BJP) प्रत्याशी को विजेता घोषित करने का फैसला अमान्य है। मतगणना के दौरान पीठासीन अधिकारी ने नियम के विरुद्ध काम किया। पीठासीन अधिकारी को निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन उन्होंने जान-बूझकर मतपत्र खराब किए। 

अनिल मसीह को अवमानना नोटिस

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव (Chandigarh Mayor Polls) में रिटर्निंग ऑफिसर रहे अनिल मसीह (Returning Officer Anil Masih) को अवमानना का नोटिस जारी किया है। मसीह ने कोर्ट में गलतबयानी की उनका आचरण दो वजह से गलत है। पहला कि उन्होंने चुनाव को गलत तरीके से प्रभावित किया। दूसरा कोर्ट में झूठ बोला। कोर्ट ने उनसे तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। 

आप ने एक्स पर लिखा, सत्यमेव जयते

कोर्ट ने सारे रिकॉर्ड को वापस हाईकोर्ट रजिस्ट्रार के पास भेजने का फैसला सुनाया। साथ ही निर्देश दिए कि इसे सुरक्षित रखा जाए। फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक्स पोस्ट करते हुए लिखा, 'सत्यमेव जयते'।
विज्ञापन

ये है पूरा मामला
30 जनवरी को सुबह 10 बजे चंडीगढ़ मेयर चुनाव (Chandigarh Mayor Polls) कराए गए। पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह (Returning Officer Anil Masih) ने आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस (Congress) के संयुक्त प्रत्याशी को 12 के मुकाबले 16 मतों से पराजित घोषित किया। पीठासीन अधिकारी ने कांग्रेस और आप के आठ वोट को अवैध ठहरा दिया था। इसके बाद भाजपा (BJP) मनोज सोनकर (Manoj Sonkar) मेयर बने। परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) का रुख किया। हालांकि उन्हें वहां राहत नहीं मिली। अदालत ने चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया है और तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।

पांच फरवरी को आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह की आलोचना की और कहा कि यह स्पष्ट है कि उन्होंने बैलेट पेपरों को विकृत किया। यह लोकतंत्र का मजाक है, हत्या है। इस आदमी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। 19 फरवरी को सुनवाई तय की गई। कोर्ट ने बैलेट पेपर मंगवाए और 20 फरवरी को इस मामले पर फैसला सुनाया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें