दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बीच लगातार दूसरे दिन भी घना कोहरा पड़ा। इस वजह से बुधवार सुबह वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली के कुछ इलाकों में तड़के दृश्यता का स्तर 200 मीटर पहुंच गया। उधर, न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 कम 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अगले तीन दिन में पारा और गिरने के आसार हैं।
प्रादेशिक मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 अधिक 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इस वजह से दोपहर में खिली धूप ने लोगों को ठंड से राहत दी। पिछले 24 घंटे में हवा में नमी का स्तर अधिकतम 100 और न्यूनतम 49 फीसदी दर्ज किया गया।
दिल्ली के सफदरजंग मानक केंद्र पर तड़के दृश्यता 200 मीटर और पालम में 350 मीटर दर्ज हुई। अन्य इलाकों में भी घने कोहरे की वजह से वाहन चालकों को परेशानी हुई। दिल्ली में लोदी रोड 3.7 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा इलाका रहा। आया नगर में 5 और जफरपुर में 6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। गुरुग्राम का न्यूनतम तापमान 10 और अधिकतम 22.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो गया है। इस वजह से अब धीरे-धीरे न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तरी पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हुई है। अब आगे पश्चिमी विक्षोभ का असर 26 दिसंबर से होने के आसार हैं।
इस वजह से अगले 3 दिन में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के साथ शीत लहर के प्रकोप की आशंका है। इससे ठिठुरन में इजाफा होगा। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम और सामान्य से साढ़े 4 डिग्री सेल्सियस कम होने पर शीत लहर की घोषणा की जाती है। पहाड़ी इलाकों में इसका पैमाना 2 दिन और मैदानी इलाकों में एक दिन है।