सुप्रीम कोर्ट के पूर्व अधिकारी ने अपनी बेटी की नौकरी बीएसईएस में लगवाने के लिए जान-बूझकर अनिल अंबानी के केस की गलत जानकारी वेबसाइट पर डाली थी। यह दावा दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने किया है।
कोर्ट ने अनिल अंबानी को पेश होने का आदेश दिया था, जबकि सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन कोर्ट मास्टर तपन कुमार चक्रबर्ती व मानव शर्मा ने इसके उलट जानकारी देते हुए अंबानी को पेशी से छूट की बात लिखी थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चक्रबर्ती व शर्मा को अप्रैल 2019 में गिरफ्तार किया था। जांच में पुलिस को पता चला कि चक्रबर्ती शीघ्र रिटायर्र्ड होने वाला है और वह चाहता था कि उसकी 23 वर्षीय बेटी की नौकरी बीएसईएस में लग जाए।
पुलिस के मुताबिक, चक्रबर्ती 2020 में रिटायर्ड होने वाला था और बेटी की नौकरी के आश्वासन के बाद वह कोर्ट के आदेश को गलत रूप में अपलोड करने के लिए तैयार हो गया था। पुलिस को अब उस शख्स की तलाश है, जिसने चक्रबर्ती को उसकी बेटी की बीएसईएस में नौकरी लगाने का आश्वासन दिया था। मानव शर्मा ने चक्रबर्ती के आदेश का पालन किया था, क्योंकि वह उसका सीनियर था।
पेश मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा कर रही है और उस शख्स की पहचान में जुटी है, जिसके कहने पर चक्रबर्ती ने कोर्ट की वेबसाइट पर गलत जानकारी अपलोड की थी। सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त रजिस्ट्रार के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने एक मार्च को धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद चक्रबर्ती व शर्मा को जमानत मिल चुकी है।