बागपत जिले के चांदीनगर क्षेत्र के एक मदरसे में पढ़ने वाले दो छात्र शुक्रवार सुबह छह बजे मुरादनगर पहुंचे। उनके हाथों में बेड़ियां बंधी देख हड़कंप मच गया। उन्होंने बताया कि मदरसे में उन्हें बेरहमी से पीटा जाता था।
वे भाग न जाएं, इसलिए उन्हें बेड़ियों से बांधकर रखा जाता था। बृहस्पतिवार रात तीन बजे वे बेड़ियों समेत मदरसे से भाग निकले। इस बाबत मुरादनगर थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुरादनगर के नूरगंज मोहल्ला निवासी शहजाद ने बताया कि उसका भाई सदाकत उर्फ सोनू (10) साढ़े तीन साल से बागपत के चांदीनगर क्षेत्र के एक मदरसे में पढ़ता है। उसके साथ बागपत के लुहारी सराय का तनवीर (10) भी पढ़ता है। दोनों पढ़ाई में कमजोर हैं।
इसी वजह से दोनों की अक्सर पिटाई होती थी। बच्चों का कहना है पिटाई के डर से वे भाग न जाएं, इसलिए उन्हें लोहे की जंजीर से बांधकर रखा जाता था। बृहस्पतिवार रात करीब तीन बजे वे जंजीर से बंधे हुए ही मदरसे से भाग निकले और नदी पार कर सुबह मुरादनगर पहुंचे।
परिजन उन्हें लेकर मुरादनगर थाने आए और पुलिस से शिकायत की। परिजनों ने ही बच्चों की जंजीरें खोलीं। परिजनों का आरोप है कि बच्चों के शरीर पर पिटाई के निशान भी हैं। बच्चे भयभीत हैं। उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है।