आजकल लोग उमसभरी गर्मी से परेशान हैं। इसके साथ ही बीमारियों का खतरा भी बढने लगा है। इस मौसम में सर्वाइकल वर्टीगो के मरीजों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
हालांकि, चिकित्सकों का मानना है कि यह बीमारी लापरवाही होने पर ही परेशान करती है। यदि रोगी थोड़ी सी सावधानी बरत ले तो इस समस्या को सरलता से दूर किया जा सकता है।
जिला सिविल अस्पताल में रोजाना 30 से 35 मरीज वर्टिगो के पहुंच रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचने वालों का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार उमस के मौसम में शरीर पर दबाव बढ़ता है, जिससे सर्वाइकल वर्टिगो के मरीजों के लिए परेशानी खड़ी हो जाती है। वर्टिगो एक गंभीर किस्म का चक्कर होता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति चल फिर नहीं पाते, असंतुलन व चक्कर के दौरे कुछ मिनटों से लेकर घंटों तक जारी रहते हैं।
सिविल अस्पताल के फिजोयोथेरेपिस्ट डॉ. शैलेंद्र अत्री ने बताया कि उमस के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। जिससे विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को सर्वाइकल की समस्या होती है, इस मौसम में वर्टिगो के लक्षण उनमें ज्यादा पाए जा रहे हैं। ऐसे रोगियों को देखभाल की अधिक जरूरत होती है।