कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना वायरस की तीन-तीन लहर देखने वाली दिल्ली में संक्रमण पर नियंत्रण के लिए काफी प्रयास किए गए हैं। पिछले कुछ दिनों से संक्रमण दर दो फीसदी से नीचे है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने खुशी जाहिर की है। साथ ही कहा है कि राज्य को सतर्कता नहीं भूलनी चाहिए।
नीति आयोग के सदस्य और कोरोना टीका को लेकर गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ. वीके पॉल का कहना है कि दिल्ली की हालत किसी से छिपी नहीं है। दिवाली से पहले और बाद के कई दिनों तक कोरोना संक्रमण का सबसे घातक रुप अब तक देखने को मिला है।
बावजूद इसके दिल्ली सरकार ने बेहतर तरीके से इस पर काबू पाया है। इसके लिए दिल्ली सरकार बधाई की पात्र है। हालांकि कोरोना की पिछली स्थितियों से सबक लेते हुए राज्य को आगे भी सतर्कता बरतनी चाहिए।
डॉ. वीके पॉल का कहना है कि अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस की दूसरी लहर देखने को मिल रही है। इन देशों में पहले की तुलना में अब ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहे हैं और मौतें भी पहले की तुलना में ज्यादा हो रही हैं। ठीक इसी तरह भारत की बात करें तो दिल्ली में तीन-तीन लहर देखी जा चुकी हैं।
हर लहर पिछली वाली की तुलना में ज्यादा खतरनाक देखने को मिली है। केरल और महाराष्ट्र में दूसरी लहर दिखाई दे रही है। इन सभी जगहों से सबक लेते हुए राज्यों को अपने यहां सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। हर व्यक्ति के चेहरे पर मास्क को अनिवार्य करने के साथ-साथ सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराना सबसे ज्यादा जरूरी है।
भीड़ पर खास नजर जरूरी: पॉल
डॉ. विनोद कुमार पॉल का कहना है कि दिल्ली में आगामी दिनों में क्रिसमस और नव वर्ष के जश्न को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार को अभी से सतर्क हो जाना चाहिए। क्रिसमस डे और न्यू ईयर जश्न को लेकर भीड़भाड़ पर खास ध्यान होना चाहिए। साल 2020 काफी कठिनाईयों का रहा है। देश-दुनिया का हर व्यक्ति नए साल का स्वागत पूरी उम्मीदों के साथ करने वाला है। ऐसे में जरूरी है कि लोग अपनी खुशियों का इजहार घर बैठे ही करें।