फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में फूल रहा दम: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के ऑफिस आने के समय में किया बदलाव, आदेश जारी

Thu, 21 Nov 2024 06:25 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जारी आदेश में लिखा गया है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर से भी अधिक स्तर को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों को सलाह दी जाती है कि वे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित कार्यालयों के संबंध में अलग-अलग समय अपनाएं। 
विज्ञापन
दिल्ली में प्रदूषण से परेशान लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने दिल्ली में बढ़े प्रदूषण के मद्देनजर अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा की। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कर्मचारियों से यह भी कहा गया है कि वे पुलिंग वाहन का इस्तेमाल करें और वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।

विज्ञापन
Trending Videos

जारी आदेश में लिखा गया है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर से भी अधिक स्तर को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों को सलाह दी जाती है कि वे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित कार्यालयों के संबंध में अलग-अलग समय अपनाएं। आदेश में आगे लिखा है, कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुले रह सकते हैं। 

दिल्ली सरकार पहले कर चुकी घोषणा
इससे पहले दिल्ली सरकार ने घोषणा बुधवार को घोषणा की है कि अब सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे और 50 फीसदी कार्यालय आएंगे। राजधानी में जैसे जैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है सरकार की ओर से चीजों को लेकर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। ग्रेप-4 पहले ही लागू हो चुका है। स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया है। अब कर्मचारियों के स्वास्थ्य को देखते हुए घर से काम करने के लिए कह दिया गया है।

गुरुग्राम में भी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा
वहीं गुरुग्राम में भी बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए मंगलवार को जिला प्रशासन ने वर्क फॉर होम के लिए एडवाइजरी जारी कर दी। उपायुक्त अजय कुमार की ओर से जारी इस एडवाइजरी में कॉर्पोरेट और निजी क्षेत्र की कंपनियों से कहा गया है कि 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से ही काम करने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही उपायुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की भौतिक उपस्थिति पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

दिल्ली-एनसीआर में स्कूल बंद
दिल्ली में वायु प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में पहुंचते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कक्षा 12वीं तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए। सभी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी। साथ ही एनसीआर के जिलों में से फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा में भी प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। वहीं कॉलेजों की बात करें तो जामिया मिलिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया।

किन वाहनों पर प्रतिबंध
जीआरएपी 4 प्रतिबंधों के तहत सबसे प्रमुख उपायों में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध शामिल है। जिसमें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों को अपवाद के रूप में रखा गया है। इसके अलावा, एलएनजी, सीएनजी, बीएस-VI डीजल या इलेक्ट्रिक पावर जैसे स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों को प्रतिबंधों से छूट दी गई है। इस बीच, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-जरूरी हल्के वाणिज्यिक वाहनों पर भी प्रतिबंध है, सिवाय सीएनजी, इलेक्ट्रिक पावर और बीएस-VI डीजल से चलने वाले वाहनों के। GRAP 4 के तहत, दिल्ली में पंजीकृत मध्यम और हल्के वाणिज्यिक वाहन जो डीजल या बीएस-IV पर चलते हैं, उन पर भी प्रतिबंध है, सिवाय जरूरी वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों के। निजी वाहनों पर कोई नया प्रतिबंध नहीं है। 

पूरे एनसीआर में प्रतिबंध लागू
ये प्रतिबंध सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जैसे आसपास के इलाकों में भी लागू होंगे। जो लोग नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन्हें 20,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। अन्य सभी निजी वाहन जिनके पास BS-IV पेट्रोल और BS-VI डीजल प्रमाणन और उससे ऊपर है, उन्हें इस अवधि के दौरान बिना किसी प्रतिबंध के शहर में चलने की अनुमति होगी।
विज्ञापन

निजी वाहनों पर क्या प्रतिबंध हैं? 
राजधानी क्षेत्र में वाहन मालिकों पर अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है। क्योंकि अधिकारी शहर में प्रदूषण के स्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी से निपटने के लिए प्रयास बढ़ा रहे हैं। वाहन मालिकों को अपने वाहन को बाहर ले जाने से पहले वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र साथ रखना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है, तो उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का पालन न करने वाले वाहनों पर अपनी कार्रवाई को कई गुना बढ़ा दिया है। इस साल 31 अक्तूबर तक नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 2.70 लाख से ज्यादा चालान जारी किए हैं।

वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है और इसके लिए 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के व्यापक उपायों का हिस्सा है, जो दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वाहन मालिकों को दंड से बचने के लिए नियमित रूप से अपने पीयूसी प्रमाणपत्रों की जांच और रिन्युअल करवाना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें