नई दिल्ली। आईपी यूनिवर्सिटी के द्वारका परिसर में बृहस्पतिवार को भारतीय ज्ञान प्रणाली और प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (सीआईकेएसटीआई) का उद्घाटन किया गया। यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय में स्थापित इस केंद्र के लिए विशेष स्थान आवंटित किया गया है, जहां प्राचीन ज्ञान-विज्ञान से संबंधित दुर्लभ किताबें उपलब्ध हैं। उद्घाटन समारोह में कुलपति पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि भारत ज्ञान और अध्यात्म का केंद्र रहा है। उन्होंने केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की प्रतिबद्धता जताई। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने प्राचीन विद्याओं को पुर्नजनन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास भी जरूरी है। निपा की कुलपति प्रो. शशिकला बंजारी ने प्राचीन ज्ञान को विज्ञान से जोड़ने की वकालत की। केंद्र का नेतृत्व यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ एजुकेशन की डीन प्रो. सरोज शर्मा करेंगी। यह केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप भारतीय ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर अनुसंधान, अंतर विषय परियोजनाओं और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देगा। ब्यूरो