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सेंट्रल विस्टा: कैबिनेट सचिव ने कहा कि सभी कर्मचारियों का 15 जनवरी तक ब्योरा दें मंत्रालय

Sun, 12 Jan 2020 09:57 PM IST
अवधेश कुमार एजेंसी, नई दिल्ली
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राजीव गाबा - फोटो : PTI
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मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा के तहत अब सभी मंत्रालयों से कहा गया है कि वे अपने कर्मचारियों का पूरा ब्योरा 15 जनवरी तक जमा करें। मंत्रालयों को लिखे पत्र में कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने कहा कि वे इस काम के लिए कम से कम संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी की नियुक्ति करें ताकि इस बारे में आंकड़े एकत्र किए जा सकें। गाबा ने कहा कि इस तरह के विवरण से केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को मदद मिलेगी। यह इस मेगा परियोजना के लिए नोडल मंत्रालय है।
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तैयार हो चुका है ब्लू प्रिंट 

केंद्र सरकार सेंट्रल विस्टा को विकसित करने का खाका तैयार कर चुकी है। यह देश का नया शक्ति गलियारा होगा और इसके तहत मौजूदा कृषि भवन, शास्त्री भवन, विज्ञान भवन, उपराष्ट्रपति निवास और निर्माण भवन जैसी कई इमारतों को ढहाने की योजना है। इस योजना में संसद भवन की नई त्रिकोणीय इमारत, सभी मंत्रालयों के लिए कॉमन केंद्रीय सचिवालय और राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे राजपथ का विकास शामिल किया जा सकता है। उपराष्ट्रपति निवास और पीएम आवास को भी राष्ट्रपति भवन के निकट बनाया जा सकता है। एक अधिकारी के अनुसार 2022 की गणतंत्र दिवस परेड आधुनिक राजपथ पर होगी। 

करीब 13 हजार करोड़ होंगे खर्च 

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अनुसार, पूरे केंद्रीय विस्टा पुनर्विकास परियोजना की अनुमानित लागत 12,879 करोड़ रुपये है। एक अनुमान के मुताबिक, सरकार वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी में फैले अपने कार्यालयों के लिए सालाना 1,000 करोड़ रुपये किराए के रूप में दे रही है। योजना के अमल में आने के बाद किराए में खासी बचत हो सकती है। 
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आवास और शहरी मामलों मंत्रालय अगले महीने से प्रत्येक परियोजना के लिए निविदा जारी करना शुरू करेंगा । इसमें 1,000 से 1,200 लोगों के बैठने की क्षमता वाले नए संसद भवन का निर्माण अगस्त 2022 तक करने का लक्ष्य है। इस साल देश 75 वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। कॉमन केंद्रीय सचिवालय के 2024 तक निर्मित होने की संभावना है। 

गुजरात की कंपनी है सलाहकार 

गौरतलब है कि इस साल अक्तूबर में, गुजरात की आर्किटेक्चर कंपनी फर्म एचसीपी डिज़ाइंस ने इस परियोजना के आर्किटेक्चरल और इंजीनियरिंग प्लानिंग के लिए कंसल्टेंसी निविदा को हासिल कर लिया था। इस कंपनी को सलाहकारी सेवाओं के लिए 229.75 करोड़ रुपये मिलेंगे और वह परियोजना की मास्टर प्लान तैयार करेगी, जिसमें डिजाइन, लागत अनुमान, लैंडस्केप और यातायात योजना और पार्किंग सुविधा शामिल है।
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