केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए रिटायरमेंट होम्स बनाने की योजना पर काम कर रही है। तयशुदा नियमों के तहत इस तरह के मकान बनेंगे। इसके लिए बुधवार को केंद्र सरकार ने बाकायदा मॉडल गाइड लाइन जारी की। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह ने इससे जुड़ी पुस्तिका का विमोचन करते हुए बताया कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए बनने वाले रिटायरमेंट होम्स के लिए सरकार ने मानक तय किए हैं।
सरकारी एजेंसियों समेत निजी डेवलपर को इनका पालन करना अनिवार्य होगा। हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, इस तरह के आवास को ऐसी जगहों पर बनाया जाएगा, जहां वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें। साथ ही तकनीक के सहारे इसे वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल बनाना होगा।
मंत्रालय अधिकारियों के मुताबिक, 2025 तक अपने देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या करीब 17.3 करोड़ व 2050 तक करीब 24 करोड़ होगी। इसमें से बड़ी तादात में तनहा रहने वाले वरिष्ठ नागरिक भी होंगे। ऐसे में उनकी देख-रेख करने की जिम्मेदारी सरकार की है। इसी मकसद से दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं।
रिटायरमेंट होम्स की खूबी:
-निर्माण वाले स्थान से अधिक होगा खुला एरिया
-चौबीसों घंटे बिजली, पानी व सफाई की सुविधा रहेगी
-अपार्टमेंट्स में लिफ्ट वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल होगी।
-परिवहन सुविधा, योग व खेल-कूद मनोरंजन की सुविधा।
-गैस लीकेज की विशेष प्रणाली।
-आवासीय परिसर के नजदीक होंगे अस्पताल, फार्मेसी, मेडिकल इमरजेंसी रूम, रेजिडेंट मेडिकल चेक-अप।
-दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था व निर्देशिका सूचक भी लगेंगे।