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केंद्र सरकार ने सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों की मनमानी पर कसा शिकंजा, अभिभावकों की जेब अब नहीं होगी ढीली

Fri, 19 Oct 2018 06:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल अब दाखिले के दौरान निर्धारित तय फीस ही ले पाएंगे। सत्र के बीच में स्कूल प्रबंधन पेरेंट्स से कोई अतिरिक्त फीस नहीं वसूल कर सकेगा। पेरेंट्स की दिक्कतों व शिकायतों को दूर करने के लिए सीबीएसई एफिलीएशन के नए बायलॉज तैयार किए गए हैं। इसके तहत स्कूल यूनिफार्म और किताबें निर्धारित दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। स्कूल यदि इन नियमों का उल्लंघन करते हैं तो बोर्ड को उनकी मान्यता रद्द करने का अधिकार होगा।

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मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने गुरुवार को सीबीएसई एफिलीएशन के नए बायलॉज लागू करने की घोषणा की। जावडेकर ने बताया कि सीबीएसई बोर्ड के 20700 स्कूलों में करीब दो करोड़ छात्र पढ़ते हैं। पेरेंट्स से मंत्रालय को शिकायत मिल रही थी कि स्कूल प्रबंधन दाखिला फीस लेने के बाद सत्र के बीच अतिरिक्त फीस वसूलते हैं। इसके अलावा यूनिफार्म और किताब निर्धारित दुकान से खरीदने के दबाव बनाते हैं। इससे पेरेंट्स पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए नए बायलॉज बनाए गए हैं। नए नियम में स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड से एफिलीएशन की प्रक्रिया आसान और ऑनलाइन की जा रही है। जबकि छात्र संबंधी दिक्कतों को दूर करने का प्रयास है। गौरतलब है कि वर्ष 2012 के बाद सीबीएसई एफिलीएशन बायलॉज में बदलाव किया जा रहा है।        

इन्फ्रास्ट्रक्चर राज्य और अकेडमिक निरीक्षण बोर्ड करेगा        
जावडेकर के मुताबिक, नए नियमों के तहत स्कूल को एफिलीएशन देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी निरीक्षण राज्य सरकार और एकेडमिक व पढ़ाई में गुणवत्ता जांचने का काम बोर्ड के जिम्मे होगा। जिला शिक्षा अधिकारी जमीन, सुरक्षा बिंदुओं की जांच करेेंगे। इसके अलावा बोर्ड छात्रों की पढ़ाई, रिजल्ट व शिक्षकों की ट्रेनिंग की जांच करेगा। नए नियम में प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल की ट्रेनिंग अनिवार्य होगी।        
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बिचौलियों से राहत : अब हर वर्ष एफिलीएशन आवेदन देना होगा        
जावडेकर ने कहा, सीबीएसई बोर्ड से एफिलीएशन लेने के लिए अब हर वर्ष एक साथ आवेदन का  निपटारा होगा। आवेदन ऑनलाइन ही देने होंगे। सरकार ने 2007 से आठ हजार लंबित आवेदन का 2018 में निपटारा कर दिया है। अब पैसे देकर एफिलीएशन दिलवाने के नाम पर कोई घोटाला नहीं कर सकेगा।        

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