दिल्ली में हर साल डेंगू से होने वाली मौतों पर इस बार ब्रेक लगा है। दिल्ली सरकार के महा अभियान की बदौलत पिछले वर्षों की तुलना में मरीज भी इस मौसम कम सामने आए हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार अपना अभियान सफल होने का दावा कर रही है। वहीं केंद्र ने भी स्वीकार कर लिया है कि दिल्ली में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते नवंबर तक राजधानी में 4155 लोग बीमार पड़े, जोकि पिछले चार साल में सबसे कम हैं। रिपोर्ट में दिल्ली की स्थिति काफी बेहतर बताई गई है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा था कि विशेषज्ञों ने बताया था कि डेंगू-चिकनगुनिया तीन-चार साल में फैलता है और ये पिछले रिकॉर्ड भी तोड़ देता है, इसलिए डर था कि इस साल डेंगू-चिकनगुनिया के मामले काफी ज्यादा बढ़ जाएंगे, जिसे लेकर बीते 1 सितंबर को दिल्ली सरकार ने 10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट अभियान शुरू किया था।
इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, विधायक और सांसदों तक ने अपने-अपने घरों में सफाई की। वहीं स्कूलों से लेकर तमाम सरकारी विभागों और बस्तियों आदि की सहभागिता भी देखने को मिली थी। सोशल मीडिया पर बॉलीवुड से लेकर तमाम बड़ी हस्तियों ने भी अभियान को समर्थन दिया था। स्कूलों में खास तरह की किट भी उपलब्ध कराई गई थीं, ताकि बच्चे घरों में जाकर डेंगू लार्वा की जांच कर सकें।
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली की ये है स्थिति
वर्ष मरीज मौतें
2015 15867 60
2016 4431 10
2017 9271 10
2018 7136 04
2019 4155 00
(नोट : नवंबर 2019 तक की स्थिति)
डेंगू रोकने के लिए क्या-क्या किया
. 1 सितंबर से 15 नवंबर तक दिल्ली सरकार ने चलाया था महा अभियान।
. हर शुक्रवार को सुबह 11 बजे सरकारी दफ्तरों में लार्वा की हुई थी जांच।
. महाअभियान को डेंगू चैंपियंस नाम देकर जनता की भागीदारी को बढ़ाया।
. सोशल मीडिया पर भी एंटी डेंगू प्लेटफॉर्म अभियान चलाया।
. तापसी पन्नू, इमरान हाशमी, राहुल देव, महेश भट्ट, राजदीप सरदेसाई, फेय डिसूजा और कपिल देव जैसी हस्तियां भी शामिल हुईं।
. स्कूलों में शिक्षकों ने डेंगू से बचाव के लिए क्लास भी ली।
200 मीटर तक ही उड़ पाता है एडिज मच्छर
डेंगू एडिज मच्छर के काटने से फैलता है जोकि जमीन से 200 मीटर की ऊंचाई तक ही उड़ सकता है। ये मच्छर साफ पानी में अंडे देता है और लार्वा के जरिये मच्छर फैलते हैं। दिन में घुटनों से ऊपर तक ये मच्छर काटता है, इसलिए पूरे शरीर को ढंकने की सलाह दी गई थी।