दिल्ली नगर निगम के सभी 250 वार्डों में जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना शुरू हो गई है। प्रशासन ने खास तौर पर किरायेदारों और प्रवासियों से इसमें भाग लेने की अपील की है और साथ ही फर्जी कॉल से सावधान रहने को कहा है। राजधानी में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया 1 मई से शुरू हो चुकी है, जो 15 मई तक चलेगी।
दिल्ली नगर निगम के 250 वार्डों में रहने वाले सभी लोग इसमें हिस्सा ले सकते हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि इसमें भाग लेने के लिए स्थायी निवासी होना जरूरी नहीं है, यानी किरायेदार और प्रवासी भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली की बड़ी आबादी किरायेदारों और प्रवासियों की है, इसलिए उनकी भागीदारी बेहद जरूरी है, ताकि शहर की सही जनसंख्या का आकलन हो सके।
ठगी करने वालो से रहना है सतर्क
प्रशासन ने लोगों को ठगी से सतर्क रहने की भी सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ लोग जनगणना के नाम पर ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक डिटेल्स मांग रहे हैं, जो पूरी तरह फर्जी है। कोई भी अधिकृत कर्मचारी ऐसी जानकारी या पैसे नहीं मांगता। लोगों से अपील की गई है कि ऐसे किसी भी कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
एक परिवार के लिए एक ही लॉगिन
इस प्रक्रिया के तहत लोगों को जनगणना पोर्टल पर लॉगिन कर अपने परिवार की जानकारी भरनी होगी। एक परिवार के लिए एक ही लॉगिन काफी है, जिसे परिवार का कोई भी सदस्य मोबाइल नंबर के जरिए पूरा कर सकता है।
घर का लोकेशन दर्ज करना चुनौती
इसमें सबसे पहले पड़ाव में घर का लोकेशन दर्ज करना होगा, जो सैटेलाइट मैप पर पिन करके, पता खोजकर या अक्षांश-देशांतर डालकर किया जा सकता है। ये काम थोड़ा पेचीदा जरूर है। जानकारी जमा करने के बाद 11 अंकों का एक सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी मिलेगा, जिसे 16 मई से 14 जून के बीच घर-घर आने वाले गणनाकारों को दिखाना होगा।