सिविल लाइन का नागरिक अस्पताल तीसरी आंख की जद में होगा। अस्पताल के ओपीडी के अंडर और बाहर सभी जगह कैमरे लगाए जाएंगे। अस्पताल परिसर में कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से एक कंपनी को इसके लिए जिम्मेवारी सौंपी गई है। अस्पताल के अंदर और बाहर होने वाली हर हरकत अब सीसीटीवी कैमरे में कैद होगी। इसके लिए अस्पताल में अलग से सर्वर रूम में बनाया गया है। यह सर्वर रूम निदेशालय से जुड़ा होगा। जिससे अधिकारी भी नजर रख सकेंगे।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से कुल 73 कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पहले चरण में निदेशालय द्वारा 48 कैमरे भेजे गए हैं। इन सभी कैमरे लगाने के लिए अस्पताल परिसर और ओपीडी व वार्ड का सर्वे करके जगह चिह्नित हो चुका है।
जिसके बाद अब कैमरे लगाने के लिए वायरिंग व कैमरे इंस्टॉल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अस्पताल के मुख्य गेट, ओपीडी के मुख्य गेट, सभी वार्ड, सीएमओ ऑफिस, इमरजेंसी, गलियारा, ड्रग व फूड सेफ्टी विंग समेत अन्य जगहों पर लगाए जा रहे हैं।
अस्पताल में सभी कैमरों के तीन स्क्रीन के जरिये निगरानी होगी। इसकी रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। रात में भी यह कैमरे काम करेंगे। विभाग की ओर से न्यूनतम 15 तक की रिकॉर्डिंग रखने का निर्देश दिया गया है। अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी अस्पताल परिसर की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
क्यों लगाए जा रहे हैं कैमरे:
-अस्पताल परिसर में कई बार असामाजिक तत्व घूमते रहते हैं। कई बार रात में इमरजेंसी में डॉक्टरों के साथ मारपीट हो चुकी है, लेकिन पुलिस को ज्यादा साक्ष्य अस्पताल की ओर से मुहैया नहीं कराया जाता था। अब अस्पताल के हर चप्पे पर कैमरे लगा दिए गए हैं। इससे निगरानी के साथ असामाजिक तत्वों से निपटने में भी मदद मिलेगी। साथ ही कई बार डॉक्टर ओपीडी समय में अपनी ओपीडी छोड़कर बाहर चले जाते हैं। मरीजों को परेशान होना पड़ता है। इसकी निगरानी भी आला अधिकारियेां द्वारा आसानी से की जा सकेगी।
डॉ. कांता गोयल, प्रधान चिकित्सा अधिकारी: मुख्यालय की ओर से कैमरा लगाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। अब कैमरा लगाने के लिए इंजीनियर व कैमरे भेजे गए हैं। चिह्नित जगहों पर कैमरा लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।-शाहनवाज आलम