भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के खिलाफ बाजार में अपने दबदबे की स्थिति के दुरुपयोग की दो शिकायतों को खारिज कर दिया। ये शिकायतें गुरुग्राम में आवासीय अपार्टमेंट की बिक्री की शर्तों से संबंधित थीं। डीएलएफ के अलावा डीएलएफ न्यू गुड़गांव होम डेवलपर्स के खिलाफ भी शिकायत की गई थीं।
शिकायतकर्ताओं ने डीएलएफ होम डेवलपर्स की गुड़गांव में अलग-अलग प्रोजेक्ट में अपार्टमेंट बुक कराए थे। दिल्ली हाईकोर्ट के जुलाई 2013 के आदेश के तहत डीएलएफ होम डेवलपर्स का डीएलएफ न्यू गुड़गांव होम डेवलपर्स के साथ विलय हो गया।
इन दोनों मामलों में आरोप लगाया गया कि डीएलएफ और डीएलएफ न्यू गुड़गांव होम डेवलपर्स ग्रुप रियल एस्टेट बाजार में एकाधिकार की स्थिति में थी। अपनी इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कंपनी ने खरीदारों पर अनुचित और मनमानी शर्तें थोपी जोकि प्रतिस्पर्धा कानून की धारा 4 का उल्लंघन है। यह धारा बाजार में अपनी स्थिति के दुरुपयोग से संबंधित है।
सीसीआई ने अपने आदेश में कहा है कि दोनों कंपनियां बदलते परिदृश्य में संबंधित बाजार में इस अवधि में दबदबे की स्थिति में नहीं थीं। हालांकि, नियामक ने कहा कि उसे इस बात की जानकारी है कि संबंधित समूह एक अलग मामले में 2010 में दबदबे वाली स्थिति में था। आदेश में कहा गया है कि मौजूदा मामले में अपार्टमेंट 2011-12 में बुक कराए गए जबकि पुराने मामले में संपत्तियों की बुकिंग 2006-09 के दौरान हुई थी।