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CBSE : पेपर लीक मामले में बैंककर्मियों की भूमिका की भी होगी जांच

Sun, 08 Apr 2018 05:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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cbse paper leak - फोटो : अमर उजाला
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12वीं कक्षा का अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के मामले में हमीरपुर, ऊना स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। दिल्ली पुलिस की एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैंकों में पेपर आठ-दस दिन पहले पहुंच जाता है और उसे लॉकर में रखा जाता है।

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पेपर वाले दिन केंद्र अधीक्षक पर्चा लेने आता है तो बैंक मैनेजर या फिर वरिष्ठ अधिकारी उसके साथ होता है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि राकेश कुमार ने अर्थशास्त्र का एक बंडल निकाल लिया था तो बैंक अधिकारी कहां थे और उन्हें बंडल निकालने का पता क्यों नहीं लगा। 

विशेष पुलिस आयुक्त आरपी उपाध्याय ने बताया कि इस बात की भी जांच हो रही है कि इसमें बैंक अधिकारियों की मिलीभगत तो नहीं है। पुलिस बैंक के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालेगी। संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को ऊना लेकर जाएगी। वहां बैंक अधिकारियों व स्कूल के अन्य लोगों से आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। इसलिए आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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पुलिस के अनुसार, मास्टरमाइंड राकेश कुमार का कहना है कि उसने पहली बार पेपर लीक किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बात की भी जांच हो रही है कि राकेश कुमार ने पहले तो कोई और पेपर लीक नहीं किया। 

विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस बात की भी जांच हो रही है कि आरोपियों ने 10वीं का गणित का पेपर भी तो लीक नहीं किया था। हालांकि, अब तक आरोपियों ने गणित का पेपर लीक करने की बात से इंकार किया है। इस बात की भी पूरी आशंका है कि अमित व अशोक ने अर्थशास्त्र के पेपर को अपने जानकारों व रिश्तेदारों को भेजा हो। 


 
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12वीं के छात्र ने भेजा था सीबीएसई को पेपर

cbse - फोटो : हिमांशु सोनी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अर्थशास्त्र का पर्चा लीक होने की सीबीएसई को दो शिकायतें मिली थीं। एक शिकायत 12वीं कक्षा के छात्र ने की थी। छात्र ने लीक पेपर को अपने ई-मेल एकाउंट से सीबीएसई को भेजा था। दूसरी शिकायत में किसी अज्ञात व्यक्ति ने सीबीएसई को एक लिफाफा भेजा था। इस लिफाफे में अर्थशास्त्र के पेपर की हाथ से लिखी इमेज थे। 

तफ्तीश पर उठ रहे ये सवाल
. पुलिस पेपर लीक मामले में पैसे के लेन-देन की बात कर रही है। पुलिस की थ्योरी पर विश्वास नहीं होता। 
. मास्टरमाइंड राकेश कुमार का कहना है कि उसकी छात्रा अर्थशास्त्र में कमजोर थी। इस कारण उसने अर्थशास्त्र के पेपर का बंडल बैंक से निकाला था। जानकारों का कहना है कि मदद करने के लिए कोई इतना बड़ा जोखिम लेगा, यह बात विश्वास लायक नहीं है।

. अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के मामले में अशोक व अमित शर्मा का कोई लाभ सामने नहीं आ रहा है। ऐसा नहीं हो सकता कि कोई बिना लाभ के कोई इतना बड़ा जोखिम उठाएगा। 

. राकेश कुमार का पेपर लीक करने का तरीका पूरी तरह फूलप्रूफ था। पेपर व्हाट्स एप पर नहीं आता तो शायद पेपर लीक होने का पता भी नहीं लगता। ऐसे में यह कैसे कह सकते हैं कि उसने और पेपर लीक न किए हों। हालांकि पुलिस अन्य पेपर लीक करने की बात से इनकार कर रही है।
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