पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अर्थशास्त्र का पर्चा लीक होने की सीबीएसई को दो शिकायतें मिली थीं। एक शिकायत 12वीं कक्षा के छात्र ने की थी। छात्र ने लीक पेपर को अपने ई-मेल एकाउंट से सीबीएसई को भेजा था। दूसरी शिकायत में किसी अज्ञात व्यक्ति ने सीबीएसई को एक लिफाफा भेजा था। इस लिफाफे में अर्थशास्त्र के पेपर की हाथ से लिखी इमेज थे।
तफ्तीश पर उठ रहे ये सवाल
. पुलिस पेपर लीक मामले में पैसे के लेन-देन की बात कर रही है। पुलिस की थ्योरी पर विश्वास नहीं होता।
. मास्टरमाइंड राकेश कुमार का कहना है कि उसकी छात्रा अर्थशास्त्र में कमजोर थी। इस कारण उसने अर्थशास्त्र के पेपर का बंडल बैंक से निकाला था। जानकारों का कहना है कि मदद करने के लिए कोई इतना बड़ा जोखिम लेगा, यह बात विश्वास लायक नहीं है।
. अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के मामले में अशोक व अमित शर्मा का कोई लाभ सामने नहीं आ रहा है। ऐसा नहीं हो सकता कि कोई बिना लाभ के कोई इतना बड़ा जोखिम उठाएगा।
. राकेश कुमार का पेपर लीक करने का तरीका पूरी तरह फूलप्रूफ था। पेपर व्हाट्स एप पर नहीं आता तो शायद पेपर लीक होने का पता भी नहीं लगता। ऐसे में यह कैसे कह सकते हैं कि उसने और पेपर लीक न किए हों। हालांकि पुलिस अन्य पेपर लीक करने की बात से इनकार कर रही है।