टॉपर बनना सिर्फ एक लेवल है। असल में लाइफ तो अब शुरू हुई है। पॉजिटिव सोच के साथ अगर हम कुछ शुरू करें तो निश्चित सफलता मिलेगी। खुद पर भरोसा रखें, विषय का कांसेप्ट क्लियर करें और खुद का मूल्यांकन करें।
आप देखेंगे कि हर मुश्किल आसान हो जाएगी। यह कहना है सीबीएसई की 12वीं की टॉपर हंसिका शुक्ला का। हंसिका शनिवार को अमर उजाला कार्यालय पहुंची और अपनी सफलता के सफर को साझा किया।
बोर्ड एग्जाम में इंग्लिश में डर था। सोच रही थी कि कैसे तैयारी करूंगी पर खुद पर विश्वास था। प्रैक्टिस की, पुराने पेपर से टाइम मैनेजमेंट तय किया। हर सब्जेक्ट के खुद नोट्स बनाए। प्रश्नों के जवाब कितने शब्दों में देना है यह भी खुद को तय करना आना चाहिए।
हर प्रश्न का जवाब समझ कर लिखें। आर्ट्स स्ट्रीम लेने के बारे में 10वीं से पहले ही सोच लिया था। अगला टारगेट मनोविज्ञान में ऑनर्स करना है। सबके लिए रोल मॉडल बनना चाहती हूं। हंसिका की मां डॉ. मीना शुक्ला (वीएमएलजी डिग्री कॉलेज में समाजशास्त्र की प्रोफेसर) का कहना है कि हंसिका पर पूरा भरोसा था। कभी वह तनाव में आ जाती तो रात भर उसके साथ बैठती। एग्जाम के वक्त कॉलेज से छुट्टी लेकर हंसिका को तैयारी कराई।