बाहरी दिल्ली के स्कूल से पेपर लीक मामले में एसआईटी करीब दस मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी। इन मोबाइल को आजकल में रोहिणी स्थित एफएसएल में फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया जाएगा।
हो सकता है कि अर्थशास्त्र के पेपर की तरह अन्य पेपर भी लीक हुए हों। दूसरी तरफ गिरफ्तार किए गए कोचिंग सेंटर के ट्यूटर तौकीर के मोबाइल से 12वीं कक्षा का अर्थशास्त्र का पेपर मिल गया था। तौकीर ने पेपर को अपने मोबाइल से डिलीट नहीं किया था। इस आधार पर बाहरी दिल्ली के मदर खजानी कॉन्वेंट स्कूल के दो शिक्षकों की गिरफ्तारी हुई थी।
एसआईटी अधिकारियों के अनुसार शिक्षक रोहित व ऋषभ ने अपने मोबाइल से अर्थशास्त्र के पेपर को डिलीट कर दिया था। तौकीर ने जिस छात्र को पेपर भेजा था उस छात्र ने भी अपने मोबाइल से अर्थशास्त्र के पेपर को डिलीट कर दिया था। पेपर लीक मामले की जांच कर रही अपराध शाखा की एसआईटी के एक सदस्य ने बताया कि अगर तौकीर क मोबाइल से अर्थशास्त्र का पेपर नहीं मिलता तो शायद इस मामले में गिरफ्तारी नहीं होती।
ये भी माना जा रहा है कि शिक्षक रोहित ऋषभ ने जब अर्थशास्त्र का पेपर लीक दिया था तो हो सकता है उन्हें अन्य विषयों के पेपर भी लीक किए हो। पुलिस गिरफ्तार दोनों शिक्षकों से इस मामले में पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी ने दोनों शिक्षकों रोहित, ऋषभ, ट्यूटर व कोचिंग सेंटर के छात्रों समेत कुछ दस मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
इन मोबाइल फोन को जल्द ही रोहिणी स्थित एफएसएल में फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने फोरेंसिक जांच करने वाली विशेषज्ञों से बात की है। उन्होंने बताया कि अगर बाहरी दिल्ली के इस स्कूल से अन्य पेपर लीक हुए हैं और व्हाट्सएप पर चले हैं तो वह मोबाइलों स्त्रकी फोरेङ्क्षसक जांच से पता लग जाएगा।
डिलीट करने केबावजूद मोबाइल की मेमोरी से सारा डाटा मिल जाएगा। पुलिस ने तौकीर समेत दो शिक्षकों को दो दिन केपुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस दो शिक्षक व प्रिंसीपल को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।