अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छानबीन के दौरान पता चला कि जिन छात्रों के पास लीक हुए पेपर था, उन छात्रों ने पेपर को दूसरे छात्रों से पैसे देकर खरीदा था।
शुरुआत में कुछ छात्रों ने 50 हजार रुपये कीमत चुकाकर पेपर खरीदा। इसमें परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के कुछ ट्यूटर व सीनियर छात्र शामिल हैं। 50 हजार में पेपर खरीदकर उसे 35 हजार, बाद में 10-10 और पांच के अलावा एक हजार रुपये तक बेचा गया।
जांच के दौरान पांच कॉलेज के छात्रों के नाम भी छानबीन में सामने आए। इसके अलावा 11 स्कूली छात्रों के अलावा पांच अलग-अलग ट्यूटर से पुलिस ने बृहस्पतिवार को पूछताछ की। पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर असली गुनाहगारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।