सीबीएसई ने कक्षा दसवीं और बारहवीं के परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थियों को अंकों के सत्यापन का अवसर दिया है। ऐसे में जो विद्यार्थी अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं वे इसका लाभ उठा सकते हैं। इसमें विद्यार्थी अपने अंक सत्यापित कर सकते हैं। विद्यार्थी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी (स्कैन की गई कॉपी) प्राप्त करने का अनुरोध कर सकते हैं। अगर इसके बाद भी वे परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे अपने उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए अनुरोध कर सकते हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन सुविधाओं का लाभ केवल ऑनलाइन और निर्धारित समय के भीतर ही उठाया जा सकता है। इस संबंध में बोर्ड की ओर से अलग से सर्कुलर जारी किया गया है। सीबीएसई के अनुसार, अंकों का सत्यापन (वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स) करने के लिए 12वीं कक्षा के छात्र 17 मई से 21 मई रात 11 बजकर 59 मिनट तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रति विषय 500 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। यदि आवेदक अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी प्राप्त करना चाहता है तो उसे एक जून से दो जून तक आवेदन करना होगा। इसमें 12वीं के विद्यार्थियों को इसके लिए 700 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके बाद ही विद्यार्थियों को पुर्नमूल्यांकन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए छह जून से सात जून तक आवेदन किया जा सकता है। पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये के शुल्क का भुगतान करना होगा।
वहीं, दसवीं कक्षा के विद्यार्थी अंकों के सत्यापन के लिए 20 मई से 24 मई रात 11 बजकर 59 मिनट तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रति विषय 500 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। साथ ही आवेदक अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी प्राप्त करना चाहता है तो उसे चार जून से पांच जून तक आवेदन करना होगा। इसमें 10वीं के विद्यार्थियों को इसके लिए 500 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके बाद ही पुर्नमूल्यांकन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए नौ जून से 10 जून तक आवेदन किया जा सकता है। पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये के शुल्क का भुगतान करना होगा।
ऑफलाइन अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा
बोर्ड की ओर से कोई ऑफलाइन अनुरोध और अनुसूची से हटकर कोई अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। बारहवीं कक्षा की अनुसूची जल्द शुरू होगी और दसवीं की उसके बाद यह सुनिश्चित करने के लिए कि बारहवीं कक्षा के छात्रों द्वारा किए गए अनुरोधों का निपटान पहले उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रियाओं को देखते हुए किया जाए।