फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: सीबीएसई की बारहवीं की उत्तर पुस्तिकाएं कंप्यूटर स्क्रीन पर होंगी चेक

विज्ञापन
विज्ञापन
-बोर्ड का मानना मूल्यांकन तेज और त्रुटिपूर्ण होगा, रिजल्ट के बाद अंकों के सत्यापन की जरूरत नहीं पड़ेगी
विज्ञापन

-दसवीं की उत्तर पुस्तिकाएं पहले की तरह ही जांची जाएंगी

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को डिजिटल रूप से करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 2026 से बारहवीं कक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं जांच कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी। इसके लिए सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली का मदद लेगा। सीबीएसई का मानना है कि इससे मूल्यांकन जल्दी और त्रुटिपूर्ण होगा। इस प्रणाली से उत्तरपुस्तिकाओं की जांच होने से रिजल्ट के बाद अंकों के सत्यापन की जरूरत नहीं पड़ेगी। दसवीं की उत्तरपुस्तिकाएं पहले की तरह फिजिकली ही जांची जाएंगी।
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज की ओर से इस संबंध में बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को परिपत्र जारी कर कहा है कि वह इसके लिए तैयार रहें और तकनीकी व्यवस्था करें। बोर्ड हर साल भारत सहित 26 देशों में दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं आयोजित करता है। इसमें करीब 46 लाख छात्र शामिल होते हैं। इतने बड़े पैमाने पर उत्तरपुस्तिकाओं की जांच में संसाधन और समय लगता है। ऐसे में बोर्ड ने कुशलता और पारदर्शिता बढ़ाने की अपने प्रयासों के मद्देनजर ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) लागू करने का फैसला किया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी।
विज्ञापन


सीबीएसई के अनुसार नई प्रणाली से मूल्यांकन होने से अंकों को जोडऩे में गलतियां नहीं होंगी, क्योंकि अंकों की गणना ऑटोमेटिक रूप से होगी। इससे फिजिकली अंकों की गणना के दौरान होने वाली त्रुटियों की संभावना खत्म हो जाएगी। ऑनलाइन मूल्यांकन जल्दी हो सकेगा और अधिक शिक्षक कर सकेंगे। इससे परिणाम जारी करने में भी देरी की संभावना नहीं रहेगी। उत्तरपुस्तिकाओं को परिवहन के माध्यम भेजने वाले समय और खर्च में बचत होगी। शिक्षक अपने ही स्कूल में रहकर कॉपी की जांच कर सकेंगे। बोर्ड के अनुसार इस प्रणाली के लागू होने से सभी स्कूलों को मूल्यांकन में योगदान देने का मौका मिलेगा। पर्यावरण के हिसाब से भी यह सस्टेनेबल डिजिटल मूल्यांकन होगा।

स्कूलों को तकनीकी रूप से यह व्यवस्था करनी होगी
बोर्ड की ओर से स्कूलों को कहा गया है कि इस प्रणाली के लिए कुछ तकनीकी व्यवस्था करनी होगी। स्कूल पब्लिक स्टैटिक वाली कंप्यूटर लैब तैयार रखें। विंडोज आठ या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम हो। न्यूनतम चार जीबी रैम और एक जीबी फ्री स्पेस की व्यवस्था रखें। नवीनतम इंटरनेट ब्राउजर, भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्टिविटी, बना रुकावट बिजली सप्लाई की व्यवस्था करके रखनी होगी।
विज्ञापन


ऐसे काम करेगी ऑन स्क्रीम मार्किंग प्रणाली

सीबीएसई की यह डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है। इसके तहत उत्तरपुस्तिका को कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचा जाएगा। परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिका को स्कैन करके डिजिटल फाइल में परिवर्तित किया जाएगा। इस फाइल को शिक्षक अपने कंप्यूटर स्क्रीन पर खोलकर जांचेंगे। स्क्रीन पर ही मार्किंग होगी। प्रत्येक सवाल के अंक जोड़े जाएंगे और सिस्टम पूरे अंक जोड़ लेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें