केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को यू ट्यूब पर मूल प्रश्न पत्र तक पहुंच होने (पेपर लीक) का दावा किए जाने संबंधी और लिंक मिले हैं। इसके बाद बोर्ड एक बार फिर हरकत में आ गया है।
अब बोर्ड ने दिल्ली पुलिस में एक और शिकायत दर्ज की है और पुलिस को आईपीसी और आईटी अधिनियम के तहत उपद्रवियों के खिलाफ उचित और सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
बोर्ड का कहना है कि वह जनता का सहयोग चाहता है कि नकली, असत्यापित समाचारों पर विश्वास ना करें। हर कीमत पर परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने में मदद करें।
सीबीएसई ने बीते बुधवार को भी पेपर लीक की झूठी खबर फैलाने के मामले में मधु विहार थाने में पुलिस शिकायत दी थी। सोशल मीडिया (यू ट्यूब) पर फर्जी प्रश्न पत्रों की उपलब्धता के कारण बोर्ड की ओर से छात्रों व अभिभावकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई थी। इसमें कहा गया था कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध पेपर फर्जी हैं।
लिहाजा अभिभावक व छात्र इन पर विश्वास ना करें और ना ही घबराएं। इन लिंक में सात मार्च को हो चुके भूगोल, गणित के पेपर, 12 मार्च को होने वाले केमिस्ट्री, 13 मार्च को होने वाले साइंस व 23 मार्च को होने वाले 10वीं के अंग्रेजी के पेपर के लीक होने का दावा किया जा रहा था। अब बृहस्पतिवार को एक बार फिर से बोर्ड को यू ट्यूब पर 17 लिंक और मिले हैं।
जिन पर मूल प्रश्न पत्र तक पहुंच होने का दावा किया जा रहा है। बोर्ड ने परीक्षा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सुरक्षा के मद्देनजर कई कदम उठाए हैं। छात्रों और अभिभावकों को घबराहट व भ्रम से बचाने के लिए बोर्ड ने अभिभावकों व छात्रों के लिए समाचार पत्रों में एडवाइजरी व सार्वजनिक नोटिस जारी किए थे, ताकि फर्जी समाचारों के बारे में उन्हें जागरूक किया जा सके।
15 फरवरी से अब तक बोर्ड 167 विषयों की परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कर चुका है। 7 मार्च को आयोजित गणित की परीक्षा अंकों की दृष्टि से सबसे बड़ी थी, इसमें 19,04,817 परीक्षार्थी बैठे थे।