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CBSE ने बच्चों के कहने पर बदल दिए नॉवेल

Tue, 18 Feb 2014 12:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीबीएसई स्कूलों में अब बारहवीं में अर्थर कॉनेल डोएल के हाउंडस ऑफ बॉस्करविले (1902 संस्करण) और विलियम गॉलडिंग के लॉर्ड फ्लाइज (1954 संस्करण) के जरिए पढ़ाई नहीं होगी।
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बोर्ड ने उपन्यास के जरिए अंग्रेजी भाषा पढ़ने की क्षमता को बढ़ाने के लिए शुरू किए इस व्यवस्था में बदलाव किया है। अब बारहवीं में जार्ज एलीट के सिल्स मारनर और एचजी वेल्स के द इनविजिबल मैन से पढ़ाई कराई जाएगी। हालांकि अन्य तीन कक्षाओं में पूर्व में पढ़ाए जा रहे उपन्यासकार ही पढ़ाए जाएंगे।

सीबीएसई ने सत्र 2012-13 से स्कूलों में नौवीं से बारहवीं तक अंग्रेजी के कम्यूनिकेशन स्किल को बढ़ाने के लिए उपन्यासों से पढ़ाई कराने की व्यवस्था की थी। इसके तहत हैलेन कैलेर, ऐने फ्रैंक, बुकर टी वाशिंगटन, जैसे उपन्यासकारों को पढ़ाई में शामिल किया गया था।
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इसके तहत हर कक्षा के लिए दो उपन्यास सुझाए गए थे। जिनमें से किसी एक का अध्ययन करना जरूरी था। बोर्ड ने बच्चों के आग्रह पर हाउंडस ऑफ बॉस्करविले को जबकि लॉर्ड फ्लाइज को कॉपीराइट की आ रही समस्या की वजह से बदला है।

नौवीं में बच्चों को जॉनेथन स्विफ्ट का गुलीवर ट्रेवल्स (2005 संस्करण) और जियोरोम.के जियोरोम का थ्री मैन इन ए बोट (1889 संस्करण) दसवीं में ऐनी फ्र्रैंक की पुस्तक डायरी ऑफ ए यंग गर्ल (1947 संस्करण) और हैलेन कैलेर का द स्टोरी ऑफ माई लाइफ (1903 संस्करण), ग्यारहवीं ऑस्कर विले का द कैंटरविले घोस्ट (1906 संस्करण) और बुकर टी.वाशिंगटन का अप फॉर्म स्लेवरी (2000 संस्करण) पढ़ाया जाता रहेगा।

उल्लेखनीय है कि अंग्रेजी के प्रमुख उपन्यासों के माध्यम से बोर्ड बच्चों में पढ़ने की क्षमता को विकसित करने का काम करता है। इसके अंतर्गत बच्चों को आपस में चर्चा, व समूह चर्चा का अवसर भी दिया जाता है। इसके छात्रों में आपसी संवाद में भी बढ़ोतरी होती है। स्कूलों की सहायता के लिए उपन्यासों का कॉपीराइट फ्री ऑनलाइन वर्जन भी उपलब्ध कराया गया है।
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