केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बारहवीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस बार पास प्रतिशत पिछले साल मुकाबले घटा है। देश भर में कुल 85.20 फीसदी परीक्षार्थी ही सफल हुए जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 3.19 फीसदी कम है। इस बार भी बेटियों का प्रदर्शन शानदार रहा है। 88.86 फीसदी बेटियां पास हुईं, तो लड़कों का परिणाम 82.13 फीसदी ही रहा। यानी बेटियां नतीजों में 6.73 फीसदी आगे रही हैं। ट्रांसजेंडर का परिणाम सौ फीसदी रहा है। इस बार भी बोर्ड ने टॉपर्स सूची जारी नहीं की।
12वीं में इस बार 17, 80, 365 परीक्षार्थी पंजीकृत थे और 17, 68, 968 ने परीक्षा दी। इनमें से 15, 07, 109 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। पिछले साल 14,96, 307 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। देशभर के 22 रीजन में से त्रिवेंद्रम 95.62 फीसदी परिणाम के साथ शीर्ष पर है, जबकि प्रयागराज 72.43 फीसदी के साथ सबसे नीचे रहा। दस रीजन का परिणाम औसत पास फीसदी से भी कम रहा है। दिल्ली रीजन का पास प्रतिशत भी कम रहा है। इस साल दिल्ली रीजन से 91.97 फीसदी छात्र सफल हुए हैं, जबकि पिछले साल यहां का पास प्रतिशत 95.18 रहा था।
देशभर में 1, 63, 800 विद्यार्थियों को कंपार्टमेंट मिली है जो पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है। पिछले साल 1, 29, 095 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई थी। 90 और 95 फीसदी अंक पाने वालों की संख्या में भी कमी आई है। 90 फीसदी से अधिक अंक पाने वालों की संख्या 94, 028 है, जबकि 17 से अधिक ने 95 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। देशभर में कुल 92 विषयों में 49, 676 ने सौ में सौ अंक हासिल किए है।
विशेष श्रेणी के विद्यार्थियों का प्रदर्शन
विशेष श्रेणी वाले (चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड) के कुल 6397 विद्यार्थियों में 6342 ने परीक्षा दी। इनमें 5718 विद्यार्थी सफल रहे हैं। इस श्रेणी के छात्रों का पास प्रतिशत 90.16 रहा है। इस बार बोर्ड ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग(ओएसएम) प्रणाली को अपनाया है। इस सिस्टम के माध्यम से देशभर में 6000 से अधिक मूल्यांकन सेंटरों पर कुल 98, 66, 222 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई।