जेवर में साबौता अंडरपास से शनिवार रात को मुठभेड़ के बाद पकड़े गए चारों बदमाश अब सीबीआई के रडार पर आ गए हैं। एक साल पहले इसी तरीके से बुलंदशहर में हाईवे पर हुई वारदात में बदमाशों की कुंडली खंगालने के लिए सीबीआई टीम ने जेवर कोतवाली का दौरा किया।
बदमाशों से जुड़ी जानकारी व फोटो एकत्रित किए। सीबीआई बदमाशों की फोरेंसिक जांच भी कराने के लिए पकडे़ गए बदमाशों को जल्द ही रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी। बता दें कि करीब एक साल पहले 29 जुलाई को नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे परिवार की गाड़ी को बुलंदशहर हाईवे पर रोककर बदमाशों ने जेवर कांड की तरह ही वारदात को अंजाम दिया था।
मां व बेटी के साथ हैवानियत व लूट की गई थी। पुलिस ने जल्दबाजी में वारदात का खुलासा भी कर दिया। लेकिन पकड़े गये एक बदमाश को कोर्ट ने कुछ समय बाद ही रिहा कर दिया। इसके बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
शनिवार रात को जेवर कांड में पकडे़ गये आरोपियों के तार कहीं न कहीं बुलंदशहर हाईवे पर हुई घटना में सीबीआई को नजर आ रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं चारों बदमाशों की तलाश में सीबीआई भी काफी समय से लगी हुई थी।
इसी सिलसिले में सीबीआई की टीम मंगलवार सुबह जेवर कोतवाली पहुंची और पकडे़ गये चारों बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई। बदमाशों के फोटो भी टीम अपने साथ लेकर गई। सूत्रों ने बताया कि टीम चारों बदमाशों के फोटो की पीड़ितों से पहचान कराएगी। इसके बाद पीड़ितों के कपड़ों से मिले फोरेंसिक सबूतों के आधार पर बदमाशों की जांच कराएगी। इसके लिए बदमाशों को जल्द ही सीबीआई रिमांड पर भी ले सकती है।
इन वजहों से सीबीआई की शक की सुई घूमी
हाईवे पर साइकिल का एक्सल फेंक चलती गाड़ी को रुकवाकर परिवारों को बंधक बनाया गया। दोनों ही घटनाओं में हाईवे से बंधकों को अंदर खेतों में ले जाकर घटना को अंजाम दिया गया। बुलंदशहर में मां-बेटी के साथ दरिंदगी हुई।
जेवर में भी महिलाओं से दरिदगी हुई। दोनों ही घटनाओं में परिवारों के साथ गैंगरेप से पहले ही लूट की गई। जेवर व बुलंदशहर में हुई घटनाओं में परिवारों को कई घंटो तक खेतों में बदमाशों ने बंधक बनाए रखा।
दोनों वारदातों में काफी समानता
टीम को जेवर कांड और बुलंदशहर में हुई घटना में समानताओं के आधार पर जेवर में पकडे़ गए अपराधियों की जांच पड़ताल के लिए जेवर भेजा गया। बदमाशों की जांच की जा रही है। आगे इसमें क्या होगा, उसके बारे में ज्यादा उच्चाधिकारियों को ही पता हो सकता है। हमें जांच सौंपी गई है, केवल जांच के लिए यहां आए हैं।- ज्योति शंकर शाह, सीबीआई इंस्पेक्टर