सीबीआई ने एक बार फिर कहा कि चोपर डील मामले में आरोपी पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी सहित दो अन्य के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। हाईकोर्ट के समक्ष सीलबंद रिपोर्ट पेश करते हुए सीबीआई ने कहा कि इन तीनों की जमानत रद करना जरूरी है वरना जांच प्रभावित होगी।
सीबीआई ने तीनों को निचली अदालत द्वारा प्रदान जमानत फैसले को चुनौती दी है। गौरतलब है कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले के मामले में त्यागी, उनके भाई संजीव त्यागी व अधिवक्ता गौतम खेतान को मिली जमानत को सीबीआई ने यह कहते हुए चुनौती दी है कि वह जांच को कथित रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
न्यायमूर्ति आईएस मेहता के समक्ष सीबीआई की ओर से पेश अधिवक्ता ने सीलबंद रिपोर्ट पेश की। उन्होंने अदालत से इसे खुली अदालत में न पढ़ने का आग्रह करते हुए कहा आप इसे अपने स्तर पर देख लें।
यह रिपोर्ट गोपनीय है और आरोपियों की विस्तृत भूमिका का हवाला दिया गया है। इसके अलावा जांच किस स्तर पर है उसका भी इससे पता चलता है। उन्होंने कहा रिपोर्ट सार्वजनिक होने से जांच प्रभावित होगी। अदालत ने रिपोर्ट के ध्यानार्थ मामले की सुनवाई एक फरवरी तय कर दी।