केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दसवीं व बारहवीं के फर्जी प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर लीक हो रहे हैं। सीबीएसई ने इंटरनेट पर वायरल हो रहे इन प्रश्नपत्रों को पूरी तरह से फर्जी बताया है। बोर्ड ने पेपर लीक की झूठी खबर फैलाने के मामले में बुधवार को मधु विहार थाने में शिकायत दी है। इस मामले में बोर्ड ने पुलिस को आईपीसी व आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने को कहा है। मामले पर पुलिस का कहना है कि सीबीएसई की शिकायत मिल गई है, छानबीन की जा रही है।
बोर्ड ने छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि ऐसी फर्जी खबरों से गुमराह न हों। सीबीएसई ने यू-ट्यूब पर ऐसे कई लिंक की पहचान की है, जिनमें ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह बोर्ड के प्रश्नपत्र हैं।
बोर्ड का कहना है कि इस मामले का पता चलने पर वायरल हो रहे पेपरों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पेपर पूरी तरह से फर्जी हैं। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र लीक किए जाने की झूठी जानकारी प्रसारित की जा रही है। लिहाजा बोर्ड ने मधु विहार थाने में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी है।
इन प्रश्नपत्रों के लीक होने का दावा
यू-ट्यूब पर दिए लिंक के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि 2 मार्च को हुआ 12वीं का अंग्रेजी का पेपर, 5 मार्च को फिजिक्स व 6 मार्च को अकाउंट का पेपर लीक हो गए थे। वहीं 12 मार्च को होने वाले केमिस्ट्री, 7 मार्च को होने वाले भूगोल, 23 मार्च को होने वाले दसवीं के अंग्रेजी, 13 मार्च को होने वाले साइंस के पेपर, 7 मार्च को होने वाले गणित के पेपर के लीक होने का भी दावा किया जा रहा है।