रिश्वत के पैसों से गर्मी की छुट्टियों में यूरोप जाने वाला था डॉक्टर
पर्वतगौड़ा ने 23 अप्रैल को अहमद से सभी रिश्वत जल्द से जल्द देने को कहा था क्योंकि वह गर्मी की छुट्टियों के दौरान यूरोप जाने वाला था। अहमद ने इससे पहले मार्च में पर्वतगौड़ा के पिता बसंत गौड़ा के खाते में 1.95 लाख रुपये जमा कराए थे। इसी तरह पर्वतगौड़ा ने एक दूसरे सप्लायर आकर्षण गुलाटी से यूपीआई के जरिये 36 हजार रुपये और शेष रकम नकद ली थी। सीबीआई ने एफआईआर में कॉर्डियोलॉजिस्ट अजय राय और भारती मेडिकल टेक्नोलॉजीज के भरत सिंह दलाल के बीच कई लेनदेन का भी जिक्र किया।
मेडिकल बनवाने के लिए फिक्स था क्लर्क संजय का रेटचार्ट
अस्पताल का क्लर्क संजय 100 रुपये में एक दिन की रेस्ट का मेडिकल सर्टिफिकेट चुटकी बजाते बनवा देता था। यही नहीं उसका रेट चार्ट फिक्स था। एक दिन के 100 रुपये तय थे। एजेंसी की एफआईआर में ऐसे चार मौके दिखाए गए हैं जब क्लर्क संजय ने 700 रुपये में सात दिन, 300 रुपये में तीन और 500 रुपये में पांच दिन का मेडिकल बनवा कर दिया है।
क्लर्क भुवाल की जेब गर्म करो मनचाहे दिन डॉक्टर का अपॉइंटमेंट पक्का
सीबीआई के मुताबिक क्लर्क भुवाल जायसवाल डॉक्टरों के अपॉइंटमेंट दिलाने के नाम पर भी रिश्वत वसूलता था। अस्पताल में मनचाहे दिन डॉक्टर का अपॉइंटमेंट पाने के लिए सिर्फ भुवाल की जेब गर्म करनी होती है। भुवाल रिश्वत लेने के बाद अपॉइंटमेंट के साथ साथ अन्य सुविधाएं भी देता है।