सीबीआई ने शुक्रवार को मनी लांड्रिंग के मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन उनकी पत्नी और चार अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। केस दर्ज करने के बाद जांच एजेंसी ने उनके सरकारी आवास की तलाशी ली।
सीबीआई ने जैन, उनकी पत्नी पूनम और उनके चार सहयोगियों अजीत प्रसाद जैन, वैभव जैन, सुनील कुमार जैन और अंकुश जैन के खिलाफ केस दर्ज किया है। एफआईआर में प्रयास इन्फो सॉल्यूशन, अकिंचन डेवलपर, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स और इंडो मेटल इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड के भी नाम हैं। जैन के खिलाफ सीबीआई ने अप्रैल महीने में पीई दर्ज की थी।
अधिकारियों के मुताबिक जैन के खिलाफ चार जगहों पर छापे मारे गए। इनमें उनका घर और आरोपियों के दिल्ली स्थित दफ्तर शामिल हैं। सीबीआई के मुताबिक जैन के खिलाफ मनी लांड्रिंग के मामले पाए गए हैं।
2015-16 में जैन और उनके सहयोगी 4.63 करोड़ की मनी लांड्रिंग में शामिल हैं। यह मनी लांड्रिंग शेल कंपनियों की जरिये की गई। इससे पहले जैन ने खुद ट्वीट कर छापे की जानकारी दी।
उन्होंने ट्वीट में लिखा- सीबीआई उनके घर की तलाश में व्यस्त हैं और वह दिल्ली वालों के लिए अपने दफ्तर में काम करने में। इस साल जून में भी सीबीआई ने जैन के घर की तलाशी ली थी। इस तलाशी के दौरान जैन की पत्नी से मनी लांड्रिंग से संबंधित पूछताछ की गई थी। जांच एजेंसी ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ अप्रैल में पीई दर्ज की थी।
क्या है आरोप
जैन पर आरोप है कि दिल्ली के मंत्री पर काम करते हुए उन्होंने 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 तक 1.62 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति जमा की। इस दौरान उनकी पत्नी और सहयोगियों को भी कमीशन मिला। साथ ही ही उन्होंने 4.63 करोड़ की मनी लांड्रिंग की।