आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम पर युवतियों को अपने आश्रम में अवैध तरीके से रखने वाले अय्याश बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित पर सीबीआई ने पांच लाख का ईनाम घोषित किया है। सीबीआई ने कहा है कि जो भी वीरेंद्र देव दीक्षित का पता बताएगा उसे पांच लाख का ईनाम मिलेगा।
रोहिणी के विजय विहार में आश्रम की स्थापना करने वाले फरार बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का सुराग न लगने पर हाईकोर्ट पहले भी सीबीआई को कड़ी फटकार लगा चुकी है। हाईकोर्ट ने पूछा था कि बाबा का अब तक पता क्यों नहीं लगा।
नई दिल्ली के रोहिणी स्थित आध्यात्मिक आश्रम में किशोरियों व महिलाओं को बंधक बनाकर दुष्कर्म के मामले में आश्रम के संस्थापक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में दिल्ली की गैर सरकारी संस्था फाउंडेशन फॉर सोशल एंपावरमेंट द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया था। जिसमें कहा गया था कि, आध्यात्मिक शिक्षा के नाम पर आश्रम में किशोरियों को बंधक बनाया जा रहा है। उन्हें उनके परिजनों से भी नहीं मिलने दिया जा रहा है।
याचिका पर सुनवाई के बाद पीठ ने इस मामले में सीबीआई को विशेष जांच टीम बनाकर जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद सीबीआई ने दिसंबर 2017 में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी, तभी से देश के कई प्रांतों में फैले वीरेंद्र देव दीक्षित के ठिकाने सीबीआई की जांच के घेरे में हैं।