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नोट बंदी के बाद धड़ाम से गिरा ई-कॉमर्स सेक्टर, बंद हुई कैश ऑन डिलीवरी

Mon, 14 Nov 2016 01:38 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
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500 और 1000 रुपये के नोट पर पाबंदी से ई-कॉमर्स सेक्टर धड़ाम से गिर गया है। इन नोटों के बंद होने से कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) सेवा पूरी तरह बंद हो गई। जिससे ई-बाजार लडख़ड़ा गया है। सीओडी बंद होने के कारण ई-कॉमर्स सेक्टर भी मंदी जैसा माहौल हो गया है।
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ऑनलाइन ऑर्डर में भी अचानक 50 फीसदी के करीब कमी आ गई है। अभी इससे निपटने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के पास कोई विकल्प नहीं मिल रहा है। ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिये अधिकांश लोग मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक गजैट, कपड़े आदि खरीदते हैं।

एसोचैम और ई-मार्केट प्लेस के अध्ययन के मुताबिक ई-कॉमर्स में 70 फीसदी कारोबार सीओडी पर निर्भर था। ऑनलाइन ऑर्डर के बाद सामान मिलने के बाद भुगतान करते है। इनमें 500 और 1000 रुपये के नोट की अहम भूमिका होती थी, लेकिन अब नोट पर पाबंदी के बाद डिलीवरी में दिक्कत आ रही है।
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डिलीवरी करने वाला शख्स 500 और 1000 के नोट ही नहीं ले रहा है। लोगों के पास भी पैसे नहीं है। जिसकी वजह से सीओडी सेवाएं बंद हो गई है। फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, शॉप क्लू, जैबांग, मिंत्रा आदि ई-कॉमर्स का कारोबार देशभर में कर रहे हैं।

एसोचैम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डीएस रावत कहते हैं पूरे देश में सीओडी के जरिये ई-कॉमर्स का व्यापार चल रहा है। देश में सभी के पास क्रेडिट कार्ड या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के विकल्प नहीं है। कई कंपनियों ने ऑर्डर के सामान के बदले नकली या दूसरी चीजें भेजने का मामला आया था।

जिसकी वजह से अधिकांश लोग सीओडी के जरिये ही सामान मंगवाते थे। अब लोगों के पास पैसा नहीं है। इस वजह से 50 फीसदी से अधिक ऑर्डर में कमी आई है। ऑक्सीजन सर्विस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील कुलकर्णी कहते हैं ई-कॉमर्स में करीब 70 फीसदी सीओडी है। अब सीओडी नहीं होने से कंपनियों को दिक्कत आ रही है। मोबाइल वॉलेट के विकल्प के तौर पर बढ़ रहे हैं। 500 और 1000 के नोट के बदले अभी कोई विकल्प नहीं है।
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ऑनलाइन ऑर्डर हो रहे हैं रद्द 

साइबर सिटी में सभी ई-कॉमर्स कंपनियों के कॉरपोरेट दफ्तर से लेकर वेयर हाउस है। यहां के वेयर हाउस से देशभर के शहरों में ऑनलाइन ऑर्डर के बाद सामान भेजा जाता है। नोट पर पाबंदी के बाद के ऑर्डर रद्द करने और ऑर्डर नहीं लेने के मामले में 50 फीसदी तक इजाफा हो गया है।

डिलीवरी ब्वॉय के पास खुले पैसे नहीं होना इसमें सबसे प्रमुख है। उनके पास स्वैपिंग मशीन नहीं होती है। जिसकी वजह से भुगतान नहीं हो पा रहा है। अमेजन डॉट कॉम के क्लाइंट सर्विसिंग के अधिकारी बताते हैं कि बीते एक सप्ताह में ऑर्डर रद्द करने में करीब 50 फीसदी बढ़ गया है।

कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक गेजट्स मंगवाते हैं। बीते तीन दिन से वेयरहाउस में वापस समान जमा कराया जा रहा है या डिलीवरी कंपनी के पास सामान है।
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