शराब की दुकान के बाहर लगी भीड़
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लॉकडाउन में शराब की बिक्री से कोरोना के मामले में बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान दोगुना तक मामले बढ़ सकते हैं। वहीं, इस माहौल में शराब पीने का लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ेगा। एम्स अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्रीनिवास राजकुमार बताते हैं कि पहले से ही संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में शराब की बिक्री करना एक बड़ी चूक है। उन्होंने कहा कि लोग शराब खरीदते समय भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। जिससे संक्रमण फैलने की संभावना बहुत अधिक बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि इस समय शराब की बिक्री कोरोना के लिहाज से भी और मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी खतरनाक है। अपोलो अस्पताल के डॉक्टर पीके सिंघल बताते हैं कि लॉकडाउन में शराब की बिक्री से आपसी हिंसा के मामलों में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि 24 मार्च के बाद से ही आपसी हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। महिला आयोग के पास पिछले एक माह में इसकी कई शिकायतें आई हैं।
दिल्ली सरकार ने शराब की बिक्री के लिए लागू किया ई-टोकन सिस्टम
दिल्ली सरकार ने शराब की बिक्री के लिए अब ई-टोकन सिस्टम लागू कर दिया है। सरकार ने यह फैसला शराब की दुकानों पर लग रही भीड़ को ध्यान में रखकर लिया है, ताकि दुकानों पर सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराया जा सके। इसके लिए सरकार ने एक वेब लिंक जारी की है। इस लिंक पर जाकर इच्छुक व्यक्ति अपनी जानकारी भरकर शराब खरीदने का समय ले सकता है। व्यक्ति के मोबाइल पर ई-कूपन भेज दिया जाएगा।