भूपिंदर सिंह हुड्डा और रॉबर्ट वाड्रा
शिकोहपुर जमीन घोटाला मामले में रॉबर्ट वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ सुरेंद्र शर्मा की दो शिकायत के बाद केस दर्ज हुआ था। दस दिन तक छानबीन के बाद 29 अगस्त को खेड़कीदौला थाने में पहली शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद एक सितंबर को फिर से शिकायत दी, तब जाकर मामला दर्ज किया गया। उधर एहतियात के तौर पर सरकार ने सुरेंद्र शर्मा को पुलिस सुरक्षा दे दी है।
शिकायतकर्ता सुरेंद्र शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि शिकायत करने से पहले उन्होंने शिकोहपुर जमीन घोटाले को लेकर पूरी छानबीन की। दस दिन तक उससे जुड़े तथ्यों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर खाका तैयार किया। पता चला था कि यह मामला लंबे समय से लंबित है, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई एफआईआर ही नहीं दर्ज की। इस पर उन्होंने पुलिस को शिकायत देने का मन बनाया और पूरी रिपोर्ट सादे कागज में लिखकर दी। एक सितंबर को फिर से शिकायत दी और शाम को पता चला कि वाड्रा व हु्ड्डा के खिलाफ एफआईआर हो गई है।
सरकार के रुख का इंतजार
सुरेंद्र का कहना है कि हरियाणा सरकार के रुख का इंतजार है। सरकार ने इस मामले में विशेष जांच शुरू नहीं की तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके लिए कानूनी सलाह भी ले रहे हैं। बकौल सुरेंद्र, पुलिस को उन्होंने एक बैंक खाता संख्या उपलब्ध कराई है, जिसके जरिये रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी का लेनदेन हुआ है। उनका दावा है कि जिस बैंक खाते के जरिये लेनदेन हुआ, उसमें महज एक लाख रुपये थे, जबकि 7.5 करोड़ का चेक काटा गया था। पूरे मामले की जानकारी के लिए उन्होंने पुलिस वालों से बैंक अकाउंट की डिटेल मांगने को कहा है।
किसी पार्टी से कोई लेना देना नहीं
भाजपा की सह पर शिकायत की बात को सुरेंद्र शर्मा नकारते हुए कहते हैं कि उनका किसी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। न तो किसी पार्टी के कार्यकर्ता है और न ही उनका किसी पार्टी से सरोकार है। कई तरह के कारोबार में हाथ अजमाया है, इस वजह से कुछ नेताओं से संपर्क जरूर है, लेकिन किसी विशेष के लिए कोई काम नहीं करते हैं। इस मामले में शिकायत के बाद सुरेंद्र शर्मा को पुलिस सुरक्षा मिल गई है। हालांकि उनका कहना है कि उन्होंने कोई सुरक्षा नहीं मांगी थी।