कपिल मिश्रा के आरोपों से घिरे केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सड़क निर्माण घोटाले में केजरीवाल के साढू की कंपनी के अलावा दो अन्य कंपनियों पर केस दर्ज कर लिया है। वहीं, एसीबी 11 मई को टैंकर घोटाले में कपिल मिश्रा का बयान दर्ज करेगी।
इन तीनों कंपनियों पर सड़क बनाए बगैर फर्जी तरीके से बिल बनाकर पेमेंट लेने का आरोप है। कंपनियों पर फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, रोड एंटी करप्शन संगठन नाम की एक संस्था ने कुछ महीने पहले सूचना के अधिकार के तहत जानकारी जुटाकर आईपी एस्टेट थाने में घोटाले की शिकायत की थी। आरोप था कि केजरीवाल के साढ़ू सुरेंद्र कुमार बंसल (अब मृत) की कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन ने पहचान की बदौलत पीडब्ल्यूडी से 10 करोड़ रुपये का ठेका लिया।
क्या बोले एसीबी चीफ?
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थाने ने इसे आर्थिक अपराध शाखा को भेज दिया। कार्रवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता कोर्ट चले गए। कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए सोमवार को एसीबी को जांच करने का निर्देश दिया था।
संगठन की शिकायत में आरोप है कि केजरीवाल ने पद का प्रभाव दिखाते हुए अपने साढ़ू को ठेके दिलवाए। पीडब्ल्यूडी ने 2015 में शनि मंदिर से बकौली गांव तक नाले के निर्माण कार्य के लिए निविदा निकाली। वह काम रेनू कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया।
इस कंपनी के मालिक केजरीवाल के साढू़ सुरेंद्र कुमार बंसल थे। वह केजरीवाल की पत्नी के बड़ी बहन शकुन बंसल के पति थे। बताया जा रहा है कि कोर्ट ने एसीबी को केस ट्रांसफर करते समय पीडब्ल्यूडी की फाइल को भी जब्त करने का निर्देश दिया है।
टैंकर घोटाले में कपिल मिश्रा का 11 मई को बयान दर्ज करेगी एसीबी
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पीडब्ल्यूडी में उक्त कार्य की अनुमानित लागत 4,90,36,843 थी। मगर रेनू कंस्ट्रक्शन ने बिलों में फर्जीवाड़ा करके करोड़ों रुपये का गबन किया। आरोप है कि इस फर्जीवाड़े में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्होंने बिलों की जांच किए बगैर उसे स्वीकार कर लिया और निर्माण कंपनी को भुगतान भी कर दिया।
आरोप यह भी है कि आगे भी इसी तरह 6 अन्य अलग-अलग ठेकों में भी यही किया गया। संगठन का आरोप है कि बिना काम किए फर्जी बिलों के आधार पर पीडब्ल्यूडी में अधिकारियों व कंपनियों की मिलीभगत से 250 करोड़ रुपये के कार्य का भ्रष्टाचार किया गया।
एसीबी प्रमुख, मुकेश कुमार मीणा ने कहा कि पीडब्ल्यूडी में 2015 व 2016 के बीच काम में गड़बड़ी कर करोड़ों रुपये के घोटाले की शिकायत राहुल शर्मा ने दी थी, जिसमें प्राथमिक जांच में शिकायत को सही पाए जाने पर इसमें तीन कंपनियों के खिलाफ अलग-अलग तीन केस दर्ज किए गए हैं। कागजों में जिसे कंपनी बताया गया है वह वास्तव में नहीं हैं। उसके फर्जी बिल लगाए गए हैं।
केजरीवाल व उनके दो सहयोगियों पर 400 करोड़ के घोटाले की जांच को प्रभावित करने का आरोप
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केजरीवाल के साढ़ू की रेनू कंस्ट्रक्शन नाम से कंपनी है। कपिल मिश्रा भी कुछ जानकारी देना जा रहे हैं। उन्हें 11 मई को समय दिया गया है। जलबोर्ड टैंकर घोटाले में शिकायत दर्ज कराकर गवाह बनने की बात कह चुके कपिल मिश्रा को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने आगामी बृहस्पतिवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
एसीबी प्रमुख मुकेश कुमार मीणा ने कपिल को बुलाए जाने की पुष्टि की है। कपिल ने केजरीवाल और उनके दो सहयोगियों पर 400 करोड़ रुपये के जलबोर्ड घोटाले की जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया था।
बीते सोमवार को ही कपिल मिश्रा ने जल मंत्री पद से हटाए जाने के बाद जलबोर्ड टैंकर घोटाले जिसमें पहले से ही एफआईआर दर्ज है उसमें कुछ अन्य दस्तावेज जमा कराएं थे। उनका कहना था कि इस घोटाले की जांच को प्रभावित करने के लिए केजरीवाल के दो सहयोगी शामिल है। उन्होंने उनके नाम भी अपनी शिकायत लिए थे। तब एसीबी ने दस्तावेजों की जांच के बाद कपिल को बुलाने की बात कही थी।