मरने से पहले धीरज ने किया था फेसबुक पोस्ट
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार धीरज के शव को लेने उसके ताऊ व उनका बेटा रवि आया था। पुलिस से शव रवि ने लिया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार डॉक्टर अभी हीलियम गैस से ही मौत होने की बात बता रहे हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा होगा कि धीरज की मौत कैसे और कितनी देर में हुई है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि धीरज ने खुदकुशी करने से पहले रविवार सुबह सोशल मीडिया पर खुदकुशी को लेकर पोस्ट डाली थी। इसके बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। उसने किसी का फोन नहीं उठाया था।
दर्ज थी धीरज की गुमशुदगी की रिपोर्ट
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर जब ताऊ, चेचरे भाई व दोस्तों ने पोस्ट देखी तो उसे फोन करना शुरू कर दिया था। उसके दोस्तों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दक्षिण दिल्ली के महरौली थाने में दर्ज कराई थी। मौत के कारणों को जानने के लिए धीरज का विसरा सुरक्षित रखवाया गया है।
महिपालपुर से यहां छिपकर रहने आया था
पुलिस ने बताया कि धीरज ने खुदकुशी करने की बहुत पहले ठान ली थी। इस कारण वह महिपालपुर से गोलमार्केट में रहने आ गया था। यहां ये छिपकर रह रहा था। दोस्तों व परिजनों ने पुलिस को बताया है कि उसने किसी को नहीं बताया कि वह कहां रह रहा है। पहले वह मंगोलपुरी में ताऊ के पास रहता था। फिर वह महिपालपुर रहने आ गया था। यहां पीजी में रहता था और गुरुग्राम में नौकरी करता था। उसने अपने ताऊ को 13 जून को आखिरी बार बात की थी। वह 20 जुलाई को गोलमार्केट में रहने आया था।
गाजियाबाद से ऑनलाइन मंगाया था गैस का सिलिंडर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उसने हीलियम गैस का सिलिंडर ऑनलाइन मंगाया था। उसके कमरे से गाजियाबाद से खरीदने की पर्ची मिली है। पुलिस ने उसके मोबाइल में लॉक लगा हुआ है। पुलिस ने मोबाइल को जांच के लिए फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। दोस्तों का कहना है कि वह बहुत ही रिर्जव रहता था।