वेतन न बढ़ाने व मालिक की बदसलूकी से नाराज थे चालक
वेतन नहीं बढ़ाने और मालिक की बदसलूकी से चालक व पूर्व चालक इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने डकैती की साजिश रच ली। चालक कैलाश और पूर्व चालक उपेंद्र ने सराय काले खां निवासी जानकार प्रमोद तोमर को पूरी साजिश बताई। इसके बाद सराय काले खां निवासी तंजीम को भी साथ मिला लिया। यमुनापार के कुछ बदमाशों से तंजीम की अच्छी पहचान थी। कुछ बदमाशों का तंजीम और प्रमोद ने इंतजाम किया। डकैती के बाद दिल्ली-यूपी की सीमा पर होटल में रकम के बंटवारे की बात हुई, लेकिन बाद में नंद नगरी के मकान में रकम बंटी।
पुलिस के अनुसार, निजी कंपनी के मालिक ने कैलाश और उपेंद्र का वेरिफिकेशन भी नहीं करवाया था। मूलरूप से मुरैना निवासी उपेंद्र ने बताया कि वह सात वर्षों से ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक चला रहा था, लेकिन हर साल आश्वासन देने के बाद वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा था। मालिक से बात करने पर बदसलूकी होती थी। करीब तीन माह पहले उपेंद्र ने नौकरी छोड़ दी थी। पूछताछ में कैलाश ने बताया कि नौकरी लगने के बाद वह मालिक के बेटे की कार चलाने लगा। वह अक्सर खारी बावली के अलावा अलग-अलग पार्टी से मोटी रकम लेकर किशनगंज स्थित दफ्तर आता था। इसके अलावा दिल्ली व दूसरे राज्यों के दफ्तर का सारा कैश भी किशनगंज वाले दफ्तर में आता था। मालिक के बर्ताव से परेशान होकर उसने उपेंद्र के साथ मिलकर डकैती की साजिश रची।
तंजीम ने हथियारों का इंतजाम भी किया। वारदात से पहले चार-पांच दिन रेकी की गई। दो दिन पहले कैलाश खारी बावली से मोटी रकम लेकर आया था। इसकी जानकारी उसने गिरोह के बदमाशों को दी। फिर 11 जुलाई को वारदात को अंजाम दिया गया। प्रमोद के खिलाफ पहले से दो मामले व तंजीम के खिलाफ हत्या का एक मामला दर्ज है।