जेनपेक्ट कंपनी के एवीपी (असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट) स्वरूप राज की आत्महत्या के मामले में परिजनों को यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिलाओं की शिकायत की प्रति मिल गई है। इस पर परिजनों ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कंपनी से पूछने के लिए सवालों की एक सूची तैयार की है, जिसे वह शीघ्र पुलिस को सौंप देंगे।
परिजनों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि महिलाओं ने 15 दिसंबर की रात की घटना बताकर शिकायत की थी। हैरानी की बात यह है कि घटना के तीन दिन बाद यानी 17 दिसंबर की आधी रात 12:16 बजे शिकायत की गई है।
तीन दिन तक आखिर लड़कियां क्यों चुप रहीं। इसके बाद कंपनी के अधिकारी ने चंद घंटों के भीतर लगभग चार पेज की शिकायत पढ़ ली और जांच कमेटी गठित कर 11 साल से कार्यरत सीनियर अधिकारी को निलंबित भी कर दिया। इसकी भनक न तो कंपनी के अन्य कर्मचारियों लगी और न ही स्वरूप की पत्नी को पता चली।
पार्टी के बाद घर छोड़ने के दौरान घटना का आरोप
परिजनों का कहना है कि लड़कियों की शिकायत देखकर लग रहा है कि यह योजना बनाकर की गई है। 15 दिसंबर को पार्टी के बाद स्वरूप एक महिला कर्मी को घर छोड़ने गए थे। उस दौरान कर्मी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। ऐसे में पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई। वहीं, शिकायत में घटनास्थल ऐसे क्यों बताए गए हैं, जहां सीसीटीवी नहीं हैं।
मामले की जांच चल रही है। जिन पर एफआईआर में आरोप लगे हैं, उनके कुछ अधिकारी विदेश में भी रहते हैं। कंपनी को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। शिकायत करने वाली महिलाओं से भी पूछताछ की जाएगी।
- मुनीष चौहान, सूरजपुर कोतवाली प्रभारी