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बाल सुधार गृह से साढ़े तीन साल पहले भागे थे दो बच्चे तो अब मामला अब दर्ज क्यों..

Mon, 08 Jan 2018 10:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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गांव धनकोट स्थित बाल सुधार गृह से दो बच्चों के भागने का मामला राजेंद्रा पार्क थाना पुलिस ने दर्ज किया है। दोनों ही बच्चे करीब साढ़े तीन साल पहले भाग गए थे। हाल ही में होम के प्रधान बदले और नए प्रधान ने चार्ज संभाला तो मामला सामने आया।

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इस पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार शांति भवन ट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा गांव धनकोट में लड़कों के लिए चाइल्ड केयर होम बनाया हुआ है। यहां वर्ष 2013 में दो बच्चों को लाया गया था। इसमें कोलकाता निवासी खुशी उर्फ सफूल को 19 जुलाई को लाया गया था।

जिस वक्त उसे यहां लाया गया था उस वक्त उसकी उम्र करीब 10 वर्ष थी। 30 जुलाई 2013 को वह बाथरूम की खिड़की से भाग गया था। इसके अलावा 6 वर्षीय रमजान को 17 सितंबर को होम में लाया गया था। यह 18 सितंबर को उस वक्त भाग गया था जब होम का मेन गेट खोलकर यहां सफाई की जा रही थी।
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इस दौरान तत्कालीन केयर टेकर ने इस संबंध में किसी को कोई सूचना नहीं दी। हाल ही में जब यहां प्रधान बदले तो उन्होंने यहां दो बच्चे कम पाए। जब रिकॉर्ड चेक किया तो उक्त बात सामने आई। इस पर नए प्रधान शाजी राम स्टेफिन ने राजेंद्रा पार्क थाना पुलिस को शिकायत दी।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले को ह्यूमैन ट्रैफिकिंग से जोड़कर भी देख रही है। पुलिस ने यहां के तत्कालीन प्रधान को संदेह के घेरे में ले लिया है। जब बच्चों को यहां लाया गया था और उसके कुछ ही दिन बाद वह यहां से भाग गए थे तो उनकी शिकायत पुलिस को क्यों नहीं दी गई।

इस तरह के कुछ सवालों का जवाब पुलिस को मिलना बाकी है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अजयबीर का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल यह बाल सुधार एवं संरक्षण केंद्र बंद चल रहा है।

इसमें खामियां पाई जाने के कारण कुछ दिन पहले प्रशासन ने इसे बंद करा दिया था। इस दौरान इसका रिकॉर्ड लेकर की जा रही जांच में बच्चों के भागने की बात सामने आई है। 

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