कोरोना को रोकने के लिए सरकार ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया हुआ है। इसके लिए पूरे देश में जहां लॉक डाउन किया गया है। वहीं विदेशों से लौटे भारतीयों को कोरोना संदिग्ध मानकर उन्हें 14 दिन के लिए होम आइसोलेशन में रखा जा रहा है। इन लोगों से स्वास्थ्य विभाग घरों से न निकलने के लिए कह रहा है लेकिन इसके बावजूद भी ऐसे लोग बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं।
पुरानी दिल्ली के चांदनी महल इलाके में दुबई से आई महिला व बैंकाक से आया युवक खुलेआम निर्देशों का उल्लंघन कर सड़कों पर घूम रहे थे। महिला के खिलाफ उसके पड़ोसी ने मुकदमा दर्ज करवा दिया। वहीं युवक को पुलिस ने खुद ही बाहर घूमते हुए पकड़ा। हालांकि बाद में दोनों को चेतावनी देकर जमानत पर छोड़ दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निर्देशों को न मानने वाले लोगों से और भी सख्ती से निपटा जाएगा।
पहला मामला
शिकायतकर्ता मो. सुहैल ने बताया कि वह परिवार के साथ गली काले खां, कूचा चालान, दरियागंज में रहता है। इनके पड़ोस में रहने वाली 32 वर्षीय महिला 21 मार्च को दुबई से भारत लौटी थी। स्वास्थ्य विभाग ने उसे कोरोना संदिग्ध मानकर 21 मार्च से 4 अप्रैल तक 14 दिन के लिए होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा था। सुहैल ने बताया कि शुक्रवार शाम वह महिला खुलेआम मेन रोड पर घूमकर दूसरों की जान खतरे में डाल रही थी। मामले की सूचना उसने पुलिस को दी। कुछ पड़ोसियों ने बताया कि वह एक दिन पहले भी सड़क पर घूम रही थी। पुलिस ने महिला पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दूसरा मामला
चांदनी महल के कसील रोड, तुर्कमान गेट के पास शुक्रवार देर रात करीब एक बजे पुलिस ने बुलेट बाइक सवार युवक को पिकेट की ओर आते हुए देखा। पुलिसकर्मियों ने युवक की पहचान 20 मार्च को बैंकाक से लौटे संदिग्ध के रूप में की। स्वास्थ्य विभाग ने इसे भी कोरोना का संदिग्ध मानकर 20 मार्च से 3 अप्रैल तक होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा था। इसके बावजूद उसने सड़क पर घूम कर न केवल सरकारी आदेश की अवहेलना की बल्कि दूसरों की जान भी खतरे में डाली। पुलिस ने इस बाबत शनिवार को केस मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार कर लिया।